"सरकारी योजना" के लिए 187 परिणाम मिले
बदलता बस्तर : अब जंगलों के बीच पहुंच रही स्वास्थ्य और विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में चल रहे तेज विकास और बदलते हालात की जानकारी दी। बैठक में विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ पर चर्चा हुई, जिसके तहत दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अब सीधे गांवों तक पहुंच रही हैं और एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है।
सुशासन की मिसाल : समाधान शिविर बना उम्मीद का केंद्र, ग्रामीणों को मिली त्वरित राहत
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के चिचिरदा ग्राम पंचायत में सुशासन तिहार अभियान के तहत विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। “जनता के द्वार पर दस्तक” पहल के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आधुनिक कृषि : तकनीकी खेती से आत्मनिर्भर बने किसान महेश कश्यप
छत्तीसगढ़ के बिल्हा क्षेत्र के किसान महेश कश्यप ने उद्यानिकी विभाग की सहायता और आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और जैविक खाद का उपयोग कर पारंपरिक खेती से आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने सब्जी उत्पादन विशेषकर बैंगन के साथ अंतरवर्ती फसलों की खेती कर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ाई। इससे उनकी आय में दोगुनी वृद्धि हुई और वे अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
भीषण गर्मी में राहत : छत्तीसगढ़ के 4,755 सूखते तालाबों को नहरों से मिला पानी
भीषण गर्मी और गिरते भू-जल स्तर के बीच छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सूखते तालाबों को नहरों के माध्यम से भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक प्रदेश के 4,755 तालाबों में पानी पहुंचाया जा चुका है। रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी सहित कई जिलों में तेजी से जल भराव कार्य जारी है। इस पहल से ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल संकट से राहत मिल रही है, वहीं भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
रायपुर संभाग
सुशासन तिहार में अव्यवस्था : बच्चों से बंटवाया गया नाश्ता और शरबत, आयोजन पर उठे सवाल
ग्राम पोखरा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ समाधान शिविर के दौरान नाबालिग बच्चे मंच के सामने लोगों को नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए। कार्यक्रम में मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। घटना सामने आने के बाद आयोजन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि पढ़ाई की उम्र में बच्चों से इस तरह काम कराना गलत है और यह सुशासन के दावों पर सवाल खड़ा करता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन मामले में कार्रवाई करता है या नहीं।
महासमुंद
समीक्षा बैठक : 839 दिव्यांग बच्चों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग की बैठक
बागबाहरा ब्लॉक में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि क्षेत्र में लगभग 839 दिव्यांग बच्चे हैं, जिनके सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जनपद उपाध्यक्ष श्री तरुण व्यवहार ने दिव्यांग बच्चों को पेंशन और अन्य लाभ समय पर दिलाने पर जोर दिया तथा जिनके प्रमाण पत्र नहीं बने हैं उनका चिन्हांकन करने को कहा।
संग्राहक परिवार से IFS तक : अजय गुप्ता की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आने वाले अजय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) में 91वीं रैंक हासिल की है। बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करने वाले अजय ने 10वीं और 12वीं में शानदार अंक प्राप्त किए और बाद में NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
संघर्ष से आत्मनिर्भरता : सुशासन तिहार में दिव्यांग जीवन लाल साहू को मिला नया जीवन
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम सिवनीकला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ में दिव्यांग जीवन लाल साहू को बड़ी राहत मिली। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वे वर्षों से संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे थे और घुटनों के बल चलने को मजबूर थे। शिविर में उन्होंने समाज कल्याण विभाग को आवेदन दिया, जिस पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही निशुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की। इसके साथ ही उन्हें दिव्यांग पेंशन और राशन योजना का भी लाभ मिल रहा है।
बलरामपुर-रामानुजगंज
रेत की तस्करी : महानदी पर रेत माफिया का कब्जा प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा संकट
बलरामपुर जिले के धंधापुर क्षेत्र में महानदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है। रेत माफिया रोजाना सैकड़ों वाहनों के जरिए रेत की तस्करी कर करोड़ों रुपये का कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की निष्क्रियता के कारण यह अवैध काम लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी योजनाओं के नाम पर रेत निकालकर खुले बाजार में बेची जा रही है। अवैध खनन से महान नदी पर बना करोड़ों रुपये का पुल भी खतरे में आ गया है और उसके पीलर कमजोर पड़ने लगे हैं। मामले में राजपुर एसडीएम ने कार्रवाई और संयुक्त टीम बनाकर रेत तस्करी रोकने का आश्वासन दिया है।
डिजिटल जनगणना : प्रथम चरण तेज़ी से जारी, 7 लाख से अधिक जनसंख्या का सर्वे पूर्ण
छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना) का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक चल रहा है। जिले में 1992 में से 1917 क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है और 75 क्षेत्र पूर्ण हो चुके हैं। अब तक 2,12,935 मकानों का सर्वे किया गया है, जिनमें आवासीय, आंशिक आवासीय, रिक्त और बंद मकान शामिल हैं। साथ ही 1,88,311 परिवारों और लगभग 7,00,250 लोगों का डेटा संकलित किया जा चुका है। तहसील और नगरीय क्षेत्रों में भी सर्वे कार्य तेजी से जारी है, जिसमें पिथौरा सबसे आगे है। कलेक्टर ने कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि यह आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
छत्तीसगढ़
जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या निवारण महाशिविर
माओवाद प्रभावित पुजारी कांकेर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के “सुशासन तिहार-2026” के तहत पहली बार विशाल जनसमस्या निवारण महाशिविर आयोजित हुआ। जहां कभी जनताना सरकार की जन-अदालत लगती थी, वहीं अब प्रशासन ने सीधे गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान किया। शिविर में 17 से अधिक पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए।
महासमुंद
विकसित कृषि संकल्प अभियान से गांव-गांव पहुंच रही आधुनिक खेती की तकनीक, किसानों में दिख रहा उत्साह
महासमुंद जिले में 05 से 20 मई 2026 तक चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत एवं आधुनिक खेती की जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ और शिविरों के माध्यम से किसानों को मिलेट्स की खेती, फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।