"मानसून" के लिए 231 परिणाम मिले
राजनांदगांव
भ्रष्टाचार की पहली बारिश : करोड़ों के चमचमाते पुल ताश के पत्तों की तरह ढहे, जनता में भारी आक्रोश
छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश के बाद राजनांदगांव और कोरबा में करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल और ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गए। कहीं लंबी दरारें आईं तो कहीं सड़क और पुलिया का हिस्सा बह गया। घटनाओं के बाद निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़
बारिश बनी आफत : चुरेला पुल पर तेज़ बहाव के बीच जारी आवागमन, हादसे का बढ़ा खतरा
सारंगढ़-सरसीवा मार्ग पर ग्राम चुरेला के पास एनएच-130बी का पुल तेज़ बहाव वाले पानी में डूबा हुआ है। इसके बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर पुल पार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने हर साल बनने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए ऊंचा और चौड़ा नया पुल बनाने की मांग की है।
दुर्ग
पहली ही बारिश में डूबा भिलाई : जलभराव ने खोली निगम की तैयारियों की पोल, लोग हुए परेशान
भिलाई में 181 मिमी की भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियां जाम होने से सड़कों और घरों में पानी घुस गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। पहली ही बारिश में नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है।
बलौदाबाज़ार
बाढ़ का खतरा : तुरतुरिया मंदिर में फंसे 250 श्रद्धालु, उफनती नदी के बीच पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के तुरतुरिया मंदिर में रविवार को अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 250 श्रद्धालु फंस गए। तेज बारिश से बालमदेही नदी उफान पर आने के बाद पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद नगर सेना की देरी को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई।
राज्य सरकार
पानी अभियान : 551 ग्राम पंचायतों में भू-जल संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधन कार्यों को प्राथमिकता दी गई
महासमुंद जिले में मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 और मनरेगा के तहत एक वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड स्तर पर जल संरक्षण कार्य किए गए। जिले की 551 ग्राम पंचायतों में 31 करोड़ लीटर पानी भंडारण क्षमता विकसित हुई है। पहली बारिश में सभी संरचनाएं भरने से भू-जल पुनर्भरण और जल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
रायपुर
लगातार दो दिनों की झमाझम बारिश : कहीं किसानों के चेहरे खिले, तो कहीं आम जनजीवन बेपटरी
रायपुर, महासमुंद और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से किसानों को खेती के लिए बड़ी राहत मिली है। वहीं शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी समस्याओं ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
लाहौल में कुदरत का कहर, झील बनने से 5 गांवों पर खतरा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में जाहलमा नाले से मलबा और भारी पत्थर गिरने के कारण चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे नदी में 1 किलोमीटर लंबी कृत्रिम झील बन गई है। जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, रापे, राशेल और जोबरंग सहित आसपास के सभी गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है।
गरियाबंद
बारिश बनी आफत : गरियाबंद में 40 साल पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूटा,ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में झमाझम बारिश छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी संभागों के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
राष्ट्रीय
बारिश बनी आफत : मुंबई में पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत, पुणे में दीवार गिरी
महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई और पुणे में कई जगह हादसों की खबरें सामने आई हैं। मुंबई के कुर्ला इलाके में रविवार को एक पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। वहीं पुणे में एक दीवार ढहने से दो मजदूर घायल हो गए हैं।
राष्ट्रीय
बारिश की तबाही : जनजीवन बेहाल, कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मॉनसून अब देश के लगभग सभी राज्यों में अपनी दस्तक दे चुका है। राजस्थान और गुजरात के कुछ ही हिस्से ऐसे बचे हैं जहां पानी नहीं बरसा है। हालांकि मॉनसून के पूरी तरह पहुंचने से पहले ही गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
राज्य सरकार
कृषि विभाग : किसानों के लिए जारी हुई खरीफ आकस्मिक कार्ययोजना
अल-नीनो और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ 2026 के लिए किसानों हेतु आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। योजना में डीएसआर तकनीक, जल संरक्षण, कम अवधि वाली फसलें और वैकल्पिक दलहनी-तिलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय
बारिश बनी आफत : जान जोखिम में डालकर मरीज का रेस्क्यू, किन्नौर में फ्लैश फ्लड से NH-5 बंद
हिमाचल प्रदेश के आदिवासी इलाकों में मानसून की शुरुआत के साथ ही मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। किन्नौर जिले में कल रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। चोलिंग के पास पहाड़ से आए मलबे और कीचड़ के कारण नेशनल हाईवे पांच पूरी तरह से बंद हो गया है।