"प्रतिरोधक क्षमता" के लिए 40 परिणाम मिले
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बांग्लादेश : खसरे का भयानक प्रकोप,खसरा बना जानलेवा संकट, हजारों मासूम अस्पतालों में भर्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव
बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है। हजारों बच्चे संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम टीकाकरण, जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों की अनदेखी संक्रमण फैलने की बड़ी वजह है।खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, आंखों में लालिमा और शरीर पर लाल दाने शामिल हैं। डॉक्टरों ने समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई और संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां टीकाकरण अभियान तेज कर संक्रमण रोकने की कोशिश में जुटी हैं।
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कुपोषण और एनीमिया : बच्चों व महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट
भारत में कुपोषण और एनीमिया एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुके हैं, जिनका सबसे अधिक असर बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहा है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग और कमजोर विकास की समस्या व्यापक है, जबकि बड़ी संख्या में महिलाएँ एनीमिया से ग्रसित हैं। कुपोषण का मुख्य कारण संतुलित आहार की कमी, आयरन और पोषक तत्वों का अभाव, गरीबी, स्वच्छता की कमी और जागरूकता की कमी है। इसका प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और भविष्य की उत्पादकता पर पड़ता है, वहीं महिलाओं में कमजोरी, गर्भावस्था की जटिलताएँ और मातृ मृत्यु का जोखिम बढ़ता है।
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सलाह : गर्मी में सही व सेहतमंद खानपान और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन सबसे अहम
गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर तेजी से पानी और जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) खो देता है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं है; सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इससे बचाव के लिए नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ORS जैसे पेय फायदेमंद हैं। तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल शरीर को ठंडा रखते हैं।
बेहाल गौवंश : भीषण गर्मी में बिना चारा-पानी भटकते मवेशी, प्लास्टिक मिश्रित डस्ट बना सहारा; स्वास्थ्य और पर्यावरण पर मंडरा रहा खतरा
महासमुंद के NH-353 क्षेत्र में चारे की कमी के चलते गौवंश राइस मिल की हानिकारक डस्ट खाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में पानी और छाया के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल चारा, पानी और संरक्षण की व्यवस्था की मांग की है।