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सेहत
अनियमित खानपान : बढ़ रहीं बीमारियां, हेल्दी डाइट अपनाने की सलाह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों का डेली फूड रूटीन तेजी से बिगड़ रहा है। देर रात खाना, सुबह नाश्ता छोड़ना, जंक फूड का अधिक सेवन और पर्याप्त पानी नहीं पीने जैसी आदतें लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित खानपान की वजह से मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह पौष्टिक नाश्ता, संतुलित दोपहर का भोजन और रात में हल्का खाना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने लोगों को जंक फूड कम खाने, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम करने और घर का बना भोजन प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
सेहत
महिलाओं की सेहत पर खतरा : जानें प्रमुख बीमारियां और बचाव के आसान उपाय
महिलाओं का स्वास्थ्य कई कारकों जैसे हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, पोषण और मानसिक तनाव से प्रभावित होता है। एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन, मासिक धर्म की समस्याएं, यूटीआई, हड्डियों की कमजोरी और मानसिक तनाव आम स्वास्थ्य समस्याएं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है।
सेहत
गर्मी में स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक उपाय : जानें खानपान और दिनचर्या की जरूरी सावधानियाँ
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी, थकान, कमजोरी और पाचन समस्याएँ बढ़ जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस समय पित्त और वात दोष असंतुलित हो सकते हैं, इसलिए सही खानपान और दिनचर्या जरूरी है। केवल ठंडा पानी नहीं, बल्कि नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी जैसे प्राकृतिक पेय लें, कोल्ड ड्रिंक और बहुत ठंडी चीजों का सेवन कम करें, मसालेदार और तला-भुना खाना कम करके हल्का भोजन करें।
छत्तीसगढ़
दो हृदयविदारक घटनाएं : अलग-अलग घटनाओं में DSP के युवा पुत्र और ग्रामीण ने लगाया मौत को गले
यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। भिलाई में कम समय के भीतर दो अलग-अलग आत्महत्या के मामले सामने आना कई सवाल खड़े करता है—खासकर तब, जब दोनों मामलों में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और कारण स्पष्ट नहीं हैं। पहले मामले में 20 वर्षीय छात्र आयुष झारिया की मौत खास तौर पर झकझोरने वाली है। परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे, और वह अकेला था—ऐसी परिस्थितियों में क्या मानसिक स्थिति रही होगी, यह जांच का विषय है। पुलिस द्वारा मोबाइल, कमरे और निजी गतिविधियों की जांच से कुछ संकेत मिल सकते हैं, जैसे पढ़ाई का दबाव, व्यक्तिगत तनाव, या कोई अन्य छिपी हुई परेशानी।
देश
खामोश चीख : सुसाइट के पहले प्रियांशु ने लिखा, भगवान किसी को ऐसे पिता न दे!
25 साल की एक चुप्पी की कीमत प्रियांशु की कहानी हर घर के लिए चेतावनी : कानपुर के 25 वर्षीय प्रियांशु श्रीवास्तव की आत्महत्या कोई साधारण खबर नहीं है। यह एक ऐसी खामोश चीख है, जो हर उस घर तक पहुंचनी चाहिए जहां अनुशासन के नाम पर डर, और प्यार की जगह नियंत्रण ने ले ली है। अपने सुसाइड नोट में प्रियांशु ने जो लिखा कि भगवान किसी को ऐसे पिता न दे, वह एक वाक्य नहीं, उस लंबे मानसिक संघर्ष का प्रमाण है जिसे शायद वह वर्षों से अकेले झेल रहा था।
देश
बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने छीनी घर की खुशियां, फेल होने के गम में 12वीं के छात्र ने गंवाई जान
मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र में रहने वाले 20 वर्षीय छात्र ऋतिक दंडोतिया ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सभी विषयों में फेल होने के कारण मानसिक तनाव में आकर जान दे दी। ऋतिक के पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। घटना के दिन ऋतिक अपनी स्कूटी से कोतवाल डैम पहुँचा था, जहाँ बाद में उसका शव बरामद हुआ। माताबसैया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने युवाओं पर परीक्षा के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों को फिर से चर्चा में ला दिया है।