"मानसिक स्वास्थ्य" के लिए 66 परिणाम मिले
सेहत
हिंसा का शिकार : किशोरों में बढ़ रही सिगरेट और ई-सिगरेट की लत
एक नई शोध में सामने आया है कि बुलिंग, साइबर बुलिंग, यौन हिंसा और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं का सामना करने वाले किशोरों में सिगरेट और ई-सिगरेट के इस्तेमाल की संभावना अधिक होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक आघात से जूझ रहे बच्चे कई बार तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
सेहत
ADHD : केवल बच्चों की समस्या नहीं, बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रभावित
ADHD यानी ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और अत्यधिक सक्रियता से जुड़ा मानसिक विकार को लंबे समय तक केवल बच्चों और पुरुषों से जुड़ी समस्या माना जाता रहा, लेकिन नई रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाएं भी इससे प्रभावित होती हैं। महिलाओं में इसके लक्षण अक्सर अलग तरीके से दिखाई देते हैं, जैसे बार-बार भूलना, मानसिक थकान, भावनात्मक तनाव, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और समय प्रबंधन में कठिनाई।
सेहत
हृदय रोग : बचाव के लिए कितनी जरूरी है एक्सरसाइज, फिटनेस लेवल बढ़ता है
नई रिसर्च के अनुसार सप्ताह में 560 से 610 मिनट तक एक्सरसाइज करने से हृदय रोगों का खतरा 30% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों ने इसे महत्वपूर्ण बताया, लेकिन 150 मिनट साप्ताहिक गतिविधि को अब भी जरूरी और लाभकारी माना है।
कीर्तिमान विशेष
बढ़ती आत्महत्याओं पर पढ़िए डॉ. नीरज गजेंद्र का विचारोत्तेजक विश्लेषण मुश्किल वक्त गुज़र जाएगा, जीवन बना रहना चाहिए
जब समाज में संवाद कम होने लगता है, तब अवसाद बढ़ने लगता है। पहले गांवों में चौपाल होती थी। परिवार साथ बैठता था। दुख साझा होते थे। आज हर व्यक्ति अपने कमरे और मोबाइल में कैद है। बाहर से सब सामान्य दिखते हैं, लेकिन भीतर गहरी बेचैनी पल रही है। यही अकेलापन धीरे-धीरे मानसिक दुर्बलता में बदल रहा है। जीवन कभी पूर्ण नहीं होता। संघर्ष हर दौर में रहा है। लेकिन इतिहास गवाह है कि अंधेरा भी स्थायी नहीं होता। एक संवाद, एक सहारा, एक विश्वास और एक सकारात्मक विचार कई जिंदगियां बचा सकता है। इसलिए आज सबसे बड़ा संदेश यही है कि परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, जीवन उससे बड़ा है। हार समस्या का अंत नहीं, संघर्ष छोड़ देने का परिणाम है।
सेहत
औषधीय गुण : तनाव से नींद तक, केसर दूध के कई फायदे, ज्यादा पीना हो सकता है नुकसान
केसर वाला दूध स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने, बेहतर नींद लाने, पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। वहीं इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केसर का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से एलर्जी, पेट संबंधी समस्याएं, ब्लड प्रेशर में बदलाव और शरीर में अत्यधिक गर्मी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
सेहत
मोटेअनाज : दूर हो सकती है विटामिन की कमी, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
भारत में शाकाहारी लोगों में विटामिन बी12, विटामिन डी और आयरन की कमी तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली के शोधकर्ताओं की नई स्टडी में सामने आया है कि बाजरा, ज्वार, रागी जैसे पारंपरिक मोटे अनाज और उन्हें खाने के देसी तरीके शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भिगोकर, अंकुरित या फर्मेंटेड रूप में मोटे अनाज खाने से शरीर को आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व अधिक आसानी से मिलते हैं। बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड के बढ़ते चलन के बीच अब भारतीय पारंपरिक खानपान को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए फिर से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेहत
मेंटल हेल्थ : तनाव और अकेलापन बना रहे लोगों को मानसिक रूप से कमजोर
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, अकेलापन, सोशल मीडिया का दबाव और काम की भागदौड़ लोगों की मानसिक शांति छीन रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर मेंटल हेल्थ के कारण छोटी-छोटी परेशानियां भी बड़ी लगने लगती हैं। रिसर्च में सामने आया है कि अच्छी नींद, मजबूत रिश्ते, नियमित व्यायाम, डिजिटल ब्रेक और खुद के लिए समय निकालना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर खुश रहने में मदद कर सकता है।
सेहत
महिलाओं : गंभीर हार्मोनल बीमारी PCOS अब PMOS कहलाएगी
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का नाम अब बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ ओवरी की नहीं, बल्कि हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थिति है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे, अनचाहे बाल और गर्भधारण में दिक्कत शामिल हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि सही खानपान, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर इलाज से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
सख्त निर्देश : टीकाकरण, कुपोषण और लंबित भुगतान पर अधिकारियों को 7 दिन की डेडलाइन
महासमुंद में स्वास्थ्य विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव ने अधिकारियों को आरसीएच और यू-विन पोर्टल में शत-प्रतिशत अपडेट सुनिश्चित करने, लंबित भुगतानों का 7 दिनों में निराकरण करने तथा कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मनोरंजन
शेफाली जरीवाला : की मौत पर फैली अफवाहों पर बोले पराग त्यागी, कहा- “झूठी बातों पर भरोसा करना बंद करें”
पराग त्यागी ने पत्नी शेफाली जरीवाला की मौत को एंटी-एजिंग इंजेक्शन से जोड़ने वाली खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शेफाली ने कभी ऐसे इंजेक्शन नहीं लिए और लोग सोशल मीडिया अफवाहों पर भरोसा न करें। पराग ने यह भी कहा कि सनातन धर्म केवल धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है।
सेहत
मोबाइल फोन : घंटों मोबाइल चला रहे बच्चे, मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा बुरा असर
मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल रहा है। WHO और कई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च के अनुसार जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में बोलने में देरी, ध्यान की कमी, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की लत बच्चों को वास्तविक दुनिया से दूर कर रही है, जिससे उनका व्यवहार और आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने, आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा देने और घर में डिजिटल अनुशासन लागू करने की जरूरत है।
महासमुंद
पीएम श्री स्कूलों में बदलाव की नई पहल, करियर काउंसलिंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पीएम श्री स्कूलों की समीक्षा बैठक में सेंट्रल नोडल अधिकारी अलरमेलमंगई डी ने करियर काउंसलिंग, मेंटल हेल्थ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ड्रॉप आउट रोकने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे तथा स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाए। जिले में संचालित 12 पीएम श्री स्कूलों में वर्तमान में 4,411 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।