"बाल विकास विभाग" के लिए 78 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
बड़ा फैसला : आंगनबाड़ी समय घटाकर 2 घंटे, सुबह 7 से 9 बजे तक ही उपस्थिति तय
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया गया है। 01 अप्रैल से 30 जून 2026 तक केंद्र सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक खुलेंगे, जबकि 23 अप्रैल से 30 जून के बीच बच्चों की उपस्थिति केवल 7:00 से 9:00 बजे तक सीमित रहेगी। इस अवधि में बच्चों को ECCE गतिविधियां और पूरक पोषण आहार नियमित रूप से दिया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ता गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श भी देंगी। बच्चों की सुरक्षा, समय पर घर पहुंचाने और व्यवस्थाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है। 01 जुलाई से केंद्र फिर सामान्य समय पर संचालित होंगे।
छत्तीसगढ़
शादी के बाद ससुराल पहुंची दुल्हन, पुलिस ने सुबह वापस भेजा मायके; बालोद में बाल विवाह का अनोखा मामला
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां शादी की सभी रस्में पूरी होने और दुल्हन के एक रात ससुराल में रहने के बाद पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने हस्तक्षेप किया। जांच में दूल्हे की उम्र कानूनी रूप से विवाह योग्य नहीं पाए जाने पर शादी को बाल विवाह मानते हुए शून्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद दुल्हन को उसके मायके राजनांदगांव भेज दिया गया। परिवार ने कहा है कि दो महीने बाद, दूल्हे की उम्र पूरी होने पर दोनों की शादी फिर से की जाएगी।
महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से बढ़ी चिंता : 10 में 3-4 महिलाओं के डेटा में मिसमैच, किस्त रुकने का डर
महतारी वंदन योजना के KYC में नाम की स्पेलिंग गड़बड़ी से महिलाओं की चिंता बढ़ गई है। हर 10 में 3-4 केस में नाम मिसमैच मिल रहा है, जिससे किस्त रुकने का डर है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं, सुधार संभव है और KYC जून तक जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़
संपूर्णता अभियान 2.0 में आकांक्षी जिला और विकासखंड ने हासिल की 100% सफलता
नीति आयोग के आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 में जिले ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया। आकांक्षी जिले के 5 और विकासखंड के 6 संकेतकों—जैसे बच्चों का वजन, टीबी पहचान, स्कूलों में बालिका शौचालय, पशुओं का टीकाकरण एवं पोषण आहार वितरण—को पूर्ण करने के लिए सभी विभागों, महिला समूहों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समन्वित प्रयास किए।
छत्तीसगढ़
कौशल विकास से सशक्त बनेंगी शाला त्यागी बालिकाएं
भारत सरकार की नाव्या पायलट परियोजना के तहत 16–18 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना: 131 केन्द्रों में हितग्राहियों का ई-केवाईसी जारी
महतारी वंदन योजना के तहत, 131 केन्द्रों पर ई-केवाईसी शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पात्र विवाहित महिलाओं की पहचान बायोमेट्रिक और आधार कार्ड के माध्यम से की जा रही है। 3 लाख से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। जिनका सत्यापन लंबित रहेगा, उन्हें आगामी किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।