"बाल विकास विभाग" के लिए 78 परिणाम मिले
रायपुर
सामूहिक विवाह : बेमेतरा में 21 जोड़ों के साथ विधायक दीपेश साहू भी रचाएंगे शादी
बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में तरुणा साहू के साथ विवाह बंधन में बंधेंगे। इस कार्यक्रम में कुल 21 जोड़ों का विवाह एक ही मंच पर संपन्न होगा। विधायक की बारात बैलगाड़ी से निकलेगी, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी। दीपेश साहू ने योजना की राशि मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में खर्च करने की बात कही है।
सरकार का साथ : आंगनबाड़ी के सहयोग से सुरक्षित मातृत्व की मिसाल बनी बीजापुर की निशा
बीजापुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। चांदनी चौक आंगनबाड़ी केंद्र की हितग्राही निशा पटेल को गर्भावस्था के दौरान समय पर पंजीयन, पोषण संबंधी मार्गदर्शन, नियमित स्वास्थ्य जांच और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग और संतुलित आहार के कारण निशा ने 11 अक्टूबर 2025 को 3.200 किलोग्राम वजन वाले स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
मुख्य सचिव की बैठक : योजनाओं की समीक्षा पारदर्शिता के निर्देशदिए दिए
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय स्थित महानदी भवन में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए डेटा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करने पर जोर दिया।
जनसमस्या शिविर : ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान एवं हितग्राहियों को मिला लाभ
पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
आयोजन : तूता में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 31 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में तूता स्थित कुर्मी बैस क्षत्रीय भवन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कुल 31 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों एवं आठ कुण्डीय हवन के साथ संपन्न कराया गया, जिसमें एक दिव्यांग जोड़े का विवाह भी शामिल रहा। मुख्य अतिथि इंद्र कुमार साहू ने सामूहिक विवाह को सामाजिक समरसता और फिजूलखर्ची रोकने का प्रभावी माध्यम बताते हुए नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया तथा शासन की ओर से सहायता राशि और उपहार वितरित किए।
रायपुर
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आरंग में 16 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
आरंग के टाउन हॉल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 16 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सभी जोड़ों ने सात फेरे लिए। कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
सामूहिक विवाह : जशपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 65 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कुल 65 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। बगीचा, कांसाबेल और बागबहार परियोजना क्षेत्रों में हिंदू और ईसाई समुदाय के जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। बगीचा में एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े का विवाह विशेष आकर्षण रहा।
छत्तीसगढ़
जहां लगती थी जन-अदालत, वहां पहुंचा सुशासन : पुजारी कांकेर में पहली बार लगा जनसमस्या निवारण महाशिविर
माओवाद प्रभावित पुजारी कांकेर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के “सुशासन तिहार-2026” के तहत पहली बार विशाल जनसमस्या निवारण महाशिविर आयोजित हुआ। जहां कभी जनताना सरकार की जन-अदालत लगती थी, वहीं अब प्रशासन ने सीधे गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान किया। शिविर में 17 से अधिक पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए।
रायपुर
महतारी वंदन योजना : मिहलाओं को 27वीं किस्त सीधे उनके खातों में
छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी है, जिसके तहत राज्य की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 642 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान इस किस्त का शुभारंभ किया। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। लाभार्थी महिलाएं एसएमएस अलर्ट, आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने भुगतान की स्थिति चेक कर सकती हैं। साथ ही सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया है, जिसकी प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी, ताकि भविष्य में सहायता राशि बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
शिविर : 314 में से 250 से अधिक आवेदनों का मौके पर समाधान, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत धमतरी जिले के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासन ने 314 में से 250 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और अधिकांश को तुरंत मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला-बाल विकास विभाग के माध्यम से लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य प्रशासन को जनता के करीब लाना और शिकायतों का तेज, पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
देश
कारण बताओ नोटिस : जनगणना कार्य में लापरवाही पर प्रशासन का डंडा, 23 कर्मचारियों को मांग जवाब
नगर निगम ने जनगणना 2026-27 के महत्वपूर्ण कार्य में अनुपस्थित रहने और ड्यूटी का पालन न करने पर 23 शिक्षकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि उन्होंने न तो फील्ड में योगदान दिया और न ही जनगणना किट प्राप्त की। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 24 घंटे में जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कानूनी सजा तक हो सकती है।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।