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छत्तीसगढ़
8वें पोषण पखवाड़ा के तहत आयुष विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व मस्तिष्क विकास पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
छत्तीसगढ़ के जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना है। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष संस्थानों के माध्यम से सुवर्णप्राशन, गर्भिणी परिचर्या, योग, आहार-जीवनशैली मार्गदर्शन और स्वास्थ्य परामर्श जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कुपोषण कम करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
छत्तीसगढ़
महासमुंद में भयंकर गर्मी का कहर: तापमान 43°C तक पहुंचा
महासमुंद जिले में इस समय गर्मी ने अपना पूरा असर दिखाया है, जहां तापमान 40°C से 43°C तक पहुंच गया है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और बाजारों में ग्राहकों की संख्या बेहद कम हो गई है, जिससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्म हवाओं और लू के कारण सड़कें भी तप रही हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। पशु-पक्षी भी इस गर्मी से बेहाल हैं, और पानी की कमी से उनकी परेशानी बढ़ी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, और विशेषज्ञों ने अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, और धूप से बचने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़
CBSE 10वीं में श्रेयांश कुमार सिंह ने 96.4% अंक के साथ लहराया परचम
रायपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र श्रीयांश कुमार सिंह ने CBSE कक्षा 10वीं 2026 में 96.4% अंक (482/500) प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी प्रमुख विषयों में 95 से 98 तक अंक हासिल किए और कंप्यूटर एप्लीकेशंस में भी 94 अंक पाए। उनकी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और माता-पिता व शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया गया है। उनकी उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और शहर में खुशी का माहौल है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बना अमरकोट का आदिवासी बालक आश्रम
आश्रम में बच्चों को बागवानी, किचन गार्डन और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों से जोड़ा गया, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। आश्रम के भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया गया और साफ-सफाई, रहन-सहन व नियमित दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया गया। अब यहां के छात्र अपनी पढ़ाई में रुचि लेने लगे हैं। उन्हें अपने कमरे और सामान की देखरेख, स्वच्छता और अनुशासन का महत्व सिखाया जा रहा है।
महासमुंद
गिधली गाँव में हर घर जल योजना से आई खुशहाली, अब 250 घरों तक सीधे स्वच्छ पानी
ग्राम गिधली (बसना विकासखंड, महासमुंद) में हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले गांव के लोग हैंडपंप और पावरपंप पर निर्भर थे, जिससे खासकर गर्मियों में पानी की किल्लत और महिलाओं के लिए कठिनाइयाँ होती थीं। योजना के तहत 100.52 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई और 4644 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 250 घरों में नल कनेक्शन दिए गए। अब सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत के सरपंच शोभित मांझी के नेतृत्व और ग्रामीणों के सहयोग से गांव को 17 अप्रैल 2025 को हर घर जल ग्राम के रूप में प्रमाणित किया गया। लाभार्थियों ने बताया कि अब घर में नल से पानी मिलने से समय और मेहनत दोनों बचती हैं।
महासमुंद
अनुशासन छात्राओं के विकास को बुद्धि, शरीर, चरित्र और सामाजिक संबंध की ओर समान रूप से बढ़ा रहा है आगे
पिथौरा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास छात्राओं के अनुशासन, आत्मनिर्भरता और समग्र विकास का केंद्र बन चुका है। दिनचर्या में सुबह की प्रार्थना, योग, व्यायाम, समय पर कक्षाएँ, खेल-कूद और स्वाध्ययन शामिल हैं, जिससे जीवन में उद्देश्य और संतुलित विकास होता है।