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राष्ट्रीय
इसरो : वैज्ञानिकों के इस्तीफे से हड़कंप, सरकार ने बदले नियम, अब आसानी से नहीं छोड़ सकेंगे नौकरी
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो में इस समय बड़े बदलाव की सुगबुगाहट है। पिछले कुछ समय में कई सीनियर वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने अचानक पद छोड़ने का फैसला लिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने नौकरी से इस्तीफा दिया है।
देश
इसरो का बड़ा एलान : अब आम नागरिक भी छू सकेंगे आसमान, गगनयान के बाद खुलेगा अंतरिक्ष का द्वार
भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब एक बड़े बदलाव के दौर में है। Indian Space Research Organisation (ISRO) अपने Gaganyaan मिशन के अगले चरणों में आम नागरिकों—खासतौर पर STEM (Science, Technology, Engineering, Maths) विशेषज्ञों—को भी अंतरिक्ष यात्री बनने का मौका देने की योजना बना रहा है। दूसरे बैच में करीब 10 अंतरिक्ष यात्री चुने जा सकते हैं, जिनमें 6 सैन्य पृष्ठभूमि से और 4 नागरिक होंगे। यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों में वैज्ञानिक शोध और प्रयोगों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके।
शिक्षा
ISRO IPRC Recruitment 2026: 22 पदों पर भर्ती, टेक्नीशियन, कुक और फायरमैन समेत कई पदों के लिए मौका
ISRO IPRC Recruitment 2026: इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC), महेंद्रगिरी में 22 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसमें टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए जैसे पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट और फायरमैन पद के लिए फिजिकल व मेडिकल टेस्ट के आधार पर होगा।
केंद्र सरकार
EOS-05 Launch: GSLV-F17 की सफल उड़ान, कृषि और आपदा निगरानी होगी आसान
EOS-05 Launch: भारत ने GSLV-F17 के जरिए EOS-05 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को सफलतापूर्वक उप-भूतुल्यकालिक कक्षा में स्थापित किया। उपग्रह से मिले इमेजिंग डेटा का उपयोग कृषि, प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी और आपदा प्रबंधन में किया जा सकेगा।
शिक्षा
ISRO Recruitment: 16 सितंबर तक करें आवेदन, जानें परीक्षा पैटर्न, फीस और चयन प्रक्रिया
ISRO Recruitment: उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। परीक्षा 38 शहरों में होगी। आवेदन की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2026 है।
राज्य सरकार
नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर में ‘स्रोत महोत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नदी और जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के माध्यम से नदियों के उद्गम स्थलों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
राज्य सरकार
मन की बात : जल संरक्षण अभियान को मिला राष्ट्रीय सम्मान, पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर निगम के कैच द रेन अभियान और वर्षा जल संरक्षण मॉडल की सराहना की। इसरो की तकनीक से बने रिचार्ज वेल, अनिवार्य रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जनभागीदारी आधारित प्रयासों ने कोरबा को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
रायपुर संभाग
छत्तीसगढ़ का गौरव : रायपुर की संस्था ARKASA का वैश्विक मुकाम, पोलैंड में सफल रहा हाई-जी फोर्स प्रशिक्षण
रायपुर स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था अरकासा (ARKASA) की टीम ने पोलैंड में आयोजित विश्वस्तरीय मानव सेंट्रीफ्यूज (जी-फोर्स) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है। इस प्रशिक्षण में अर्शलीन कौर साहनी, बिस्वजीत दास, लूमेश साहू और अनुष्का राठौर ने भाग लिया।
राष्ट्रीय
देश में मानसून की स्थिति : 70% हिस्से में बादल छाए, 25 जुलाई तक भारी बारिश
इसरो की तस्वीरों के अनुसार देश के 70% हिस्से में मानसूनी बादल छाए हैं। यूपी और उत्तराखंड में नदियां उफान पर हैं, जबकि 25 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।
राष्ट्रीय
ऐतिहासिक छलांग : प्राइवेट रॉकेट विक्रम-1 ने पहली ही उड़ान में रचा इतिहास
हैदराबाद की निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 अपने पहले ही मिशन मिशन आगमन में सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में पहुंच गया। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियां ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने में सफल रही हैं। यह सफलता भारत के निजी स्पेस सेक्टर और वैश्विक स्पेस बिजनेस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
राष्ट्रीय
विक्रम-1 रॉकेट : ऐतिहासिक सफर, मंगल, चांद, सूरज और समंदर तक भारत की गूंज
विक्रम-1 रॉकेट की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने नया इतिहास रच दिया है। स्काईरूट एयरोस्पेस का यह कदम स्पेस इकॉनमी को नई ऊंचाई देगा।
राष्ट्रीय
गगनयान मिशन : अंतरिक्ष से वापसी के तीन सबसे मुश्किल इम्तिहानों में पास हुआ ISRO, सुरक्षित लौटेंगे भारतीय एस्ट्रोनॉट्स
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल सिस्टम से जुड़े तीन महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। ये परीक्षण अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी, मॉड्यूल सेपरेशन और पैराशूट सिस्टम की मजबूती से जुड़े थे।