Elephant News: ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इन दिनों एक भटके हुए हाथी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अपने झुंड से अलग हुआ यह हाथी पिछले करीब छह दिनों से जिले के अलग-अलग जंगलों और गांवों के आसपास घूम रहा है। इस दौरान हाथी के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं, वन विभाग की सतर्कता के चलते सुरक्षा कारणों से कई गांवों में रात के समय बिजली आपूर्ति बंद की गई है। इससे करीब आधा दर्जन गांवों के लोग पिछले पांच दिनों से अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हैं।
बुजुर्ग किसान पर हाथी का हमला, गंभीर रूप से घायल
खेत से लौट रहे बुजुर्ग किसान पर हाथी ने किया हमला ताजा मामला देलाखारी रेंज के बम्हनी गांव का है। यहां खेत से घर लौट रहे 70 वर्षीय किसान रामप्रसाद कहार पर अचानक हाथी ने हमला कर दिया। हमले में उनके कान, पसली और कमर में गंभीर चोटें आई हैं।
घायल किसान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इससे पहले अमरवाड़ा क्षेत्र के चिखली चनेरी और तामिया के बीजाढाना गांव में भी हाथी के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन दोनों घटनाओं में दो ग्रामीण घायल हुए थे।
तामिया में डेरा, वन विभाग अलर्ट
सिवनी और नर्मदापुरम के रास्ते छिंदवाड़ा पहुंचा हाथी वन विभाग के अनुसार, यह हाथी अपने झुंड से अलग होकर सिवनी और नर्मदापुरम क्षेत्र से होते हुए छिंदवाड़ा जिले में पहुंचा है। हाथी ने चौरई, अमरवाड़ा और परासिया के जंगलों से होते हुए अब तामिया और देलाखारी क्षेत्र में अपना डेरा बना लिया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि झुंड से अलग हुए हाथी अक्सर भोजन और पानी की तलाश में लंबी दूरी तय करते हैं। इस दौरान असुरक्षा और भटकाव के कारण उनका व्यवहार कई बार आक्रामक हो सकता है।
गांवों में बिजली संकट, अंधेरे में रहने को मजबूर लोग
बिजली बंद होने से ग्रामीण परेशान, आंदोलन की चेतावनी हाथी के संभावित खतरे और बिजली के तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए वन विभाग के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय बिजली आपूर्ति बंद रखी जा रही है। हालांकि, लगातार पांच दिनों से बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ हाथी का डर बना हुआ है और दूसरी तरफ अंधेरे में रहने की मजबूरी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।पगमार्क और ड्रोन कैमरों से हाथी की तलाश
हाथी की निगरानी में जुटी वन विभाग की टीमें हाथी की लगातार बदलती लोकेशन के कारण वन विभाग के लिए उसे ट्रैक करना चुनौती बना हुआ है। विभाग की टीमें ड्रोन कैमरों, गश्ती दलों और हाथी के पगमार्क व अन्य संकेतों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, जंगल की ओर अकेले न जाएं और हाथी दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना दें। अधिकारियों के मुताबिक, हाथी की सुरक्षित निगरानी और उसे नियंत्रित तरीके से जंगल क्षेत्र की ओर वापस भेजने के प्रयास जारी हैं।

