Patan Jewelers Fraud: ज्वेलर्स को असली सोना दिखाकर भरोसे में लेने और बाद में नकली सोने की पत्तियां गिरवी रखकर लाखों रुपए ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 नकली और एक असली सोने की पत्ती समेत कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य अलग-अलग कस्बों और ग्रामीण इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे।
वे शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने किसी इलाके में पहुंचते और वहां के ज्वेलर्स से संपर्क करते थे। इसके बाद विश्वास हासिल करने के लिए गिरोह का कोई सदस्य असली सोने की अंगूठी या दूसरा आभूषण गिरवी रखता था। तय समय पर रकम वापस कर देने से व्यापारी को उन पर भरोसा हो जाता था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने पाटन के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स को निशाना बनाया।
18 सोने की पत्तियां बताकर लिए 15.93 लाख
घटना 24 सितंबर की बताई गई है। आरोपियों ने करीब 180 ग्राम वजन की 18 सोने की पत्तियां असली बताकर ज्वेलर्स के पास गिरवी रखीं। इसके बदले व्यापारी से 15 लाख 93 हजार रुपए ले लिए गए। इसके अलावा तीन सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी चांदी की पायल भी करीब 3 लाख 39 हजार रुपए की उधारी पर ले गए। आरोपियों ने व्यापारी को भरोसा दिलाया था कि वे एक सप्ताह के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम वापस कर देंगे। जब निर्धारित समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं हुई तो ज्वेलर्स को संदेह हुआ। पत्तियों की जांच कराने पर सामने आया कि उनमें करीब 10 प्रतिशत ही सोना था, जबकि बाकी हिस्सा दूसरी धातु का था। इसके बाद व्यापारी ने पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
दूसरी ज्वेलरी दुकान में 25 लाख की ठगी की कोशिश
मामले की जांच के दौरान पुलिस को बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र से सूचना मिली कि कुछ लोग इसी तरीके से एक अन्य ज्वेलर्स के यहां नकली सोना गिरवी रखकर करीब 25 लाख रुपए हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अर्जुन्दा में कार्रवाई की और संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य राजनांदगांव शहर में किराये के मकान में ठहरे हुए थे। पुलिस वहां पहुंची, लेकिन कुछ आरोपी पहले ही वहां से निकल चुके थे। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में उनके ट्रेन से भागने की जानकारी मिली। दुर्ग पुलिस ने आरपीएफ नागपुर से संपर्क किया, जिसके बाद आरपीएफ की मदद से ट्रेन में सफर कर रहे दो महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद गिरोह के कुल छह सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ गए।23 नकली और एक असली सोने की पत्ती बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 नकली और एक असली सोने की पत्ती बरामद की है। सभी 24 पत्तियों का कुल वजन करीब 240 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 16 हजार 190 रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल, छह गुप्त कपड़े की थैलियां, ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, हथौड़ी, पेचकस, स्क्रूड्राइवर और वाहन बिक्री पत्र भी जब्त किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से छह ऐसी कपड़े की थैलियां मिलीं, जिन्हें कमर में बांधा जा सकता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन गुप्त थैलियों में नकदी और दूसरे सामान छिपाकर रखते थे, जिससे सफर के दौरान सामान आसानी से छिपाया जा सके।
कई जिलों के ज्वेलर्स को किया गया सतर्क
पाटन में हुई घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने आसपास के जिलों के ज्वेलर्स को भी सतर्क किया है। पुलिस ने दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर के ग्रामीण व कस्बाई इलाकों के ज्वेलर्स और ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क कर गिरोह के ठगी करने के तरीके की जानकारी साझा की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव, अर्जुन्दा, गुंडरदेही और आसपास के अन्य इलाकों में कितने ज्वेलर्स से संपर्क किया था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने इससे पहले इसी तरीके से कहीं और ठगी की है या नहीं।

