"आदिवासी संस्कृति" के लिए 27 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Chakradhar Samaroh: रायगढ़ में 14 सितंबर से सजेगा चक्रधर समारोह, देशभर के कलाकार देंगे प्रस्तुति
Chakradhar Samaroh: रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक चक्रधर समारोह 2026 का आयोजन होगा। 10 दिवसीय समारोह में 42 प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें 24 प्रस्तुतियां रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के कलाकार देंगे। पद्मश्री रामलाल बरेठ, डॉ. उषा बारले, भारती बंधु और अनुज शर्मा सहित देशभर के प्रसिद्ध कलाकार कथक, पंडवानी, कथकली, मणिपुरी, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, ओडि़सी और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां देंगे।
राज्य सरकार
राष्ट्रीय मंच पर छाया छत्तीसगढ़ का मांदरी नृत्य, धमतरी के कलाकारों की शानदार प्रस्तुति
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हॉल में धमतरी जिले के सरईटोला के जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल ने पारंपरिक मांदरी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों ने मांदर की थाप, पारंपरिक वेशभूषा और जनजातीय संस्कृति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।
महासमुंद
बागबाहरा में गूंजा आदिवासी एकता का संदेश, भव्य आयोजन के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
पीले गमछे और पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे समाजजन, बाइक रैली और मादरी नृत्य ने बढ़ाया उत्साह; संस्कृति, परंपरा और सामाजिक अधिकारों पर हुई चर्चा
महासमुंद
विश्व आदिवासी दिवस पर होगा आदिवासी महोत्सव, विधायक द्वारिकाधीश यादव होंगे मुख्य अतिथि
कोमाखान में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। अखिल भारतीय गोंड़ समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। महोत्सव में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
जगदलपुर (बस्तर)
बस्तर की लोकसंस्कृति की गूंज दिल्ली तक, राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा जनजातीय दल
बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विकास की नई तस्वीर देश के सामने रखने के उद्देश्य से 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना हुआ। दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर बस्तर की लोकसंस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और बदलते स्वरूप की जानकारी देगा।
यात्रा
झरने, गुफाएं, मंदिर और जंगल... कुदरत और संस्कृति का अनूठा संगम, छत्तीसगढ़ के 10 दर्शनीय स्थल
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों का अनोखा संगम है। चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, तीरथगढ़, कुटुंबसर गुफाएं, सिरपुर, भोरमदेव मंदिर, बारनवापारा अभयारण्य, डोंगरगढ़, गंगरेल बांध और बारसूर-दंतेश्वरी मंदिर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
यात्रा
बदला कोंडागांव का नजारा : मॉनसून में जन्नत सी सज गई है बस्तर की ये खूबसूरत जगह
मॉनसून के आगमन के साथ छत्तीसगढ़ का कोंडागांव प्राकृतिक खूबसूरती से भर उठा है। केशकाल घाटी, टाटामारी, मांझीनगढ़ और खूबसूरत झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां घूमने से पहले जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
रायपुर
खत्म हुआ इंतजार : सीएम साय के निर्देश से आदिवासी समाज में दौड़ी खुशी की लहर
बड़ा संदेश इस फैसले को सिर्फ एक पूजा की अनुमति के रूप में नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिवासियों की मूल संस्कृति जल-जंगल-जमीन की परंपराओं और उनकी धार्मिक आस्था को सहेजने की एक बड़ी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सरकार
योग दिवस : अंबिकापुर में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह, सीएम विष्णु देव साय देंगे सेहतमंद जीवन का संदेश
इस साल यानी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) की विशेष थीम चुनी गई है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि योग केवल युवाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर चरण
राज्य सरकार
सीएम साय का गरियाबंद दौरा, कांग्रेस का बिजली बिल बढ़ोतरी पर हल्लाबोल
छत्तीसगढ़ में बुधवार को कई महत्वपूर्ण गतिविधियां होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सूरजपुर और गरियाबंद के दौरे पर रहेंगे तथा गरियाबंद में लगभग 700 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। वहीं बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर अभनपुर-कुरुद नई ब्रॉडगेज रेल लाइन पर स्पीड ट्रायल आयोजित किया जाएगा।
बस्तर संभाग
बस्तर कला : दुनिया के बाजार में, 1.80 करोड़ की परियोजना , शिल्पकारों को मिलेगा नया मंच
बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए राज्य शासन ने 1.80 करोड़ रुपए की विशेष परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ढोकरा शिल्प, काष्ठ कला, टेराकोटा, सीसल शिल्प और अन्य पारंपरिक उत्पाद पहली बार अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।
लौटी रौनक : नक्सल मुक्त होते ही बदली तस्वीर, बीजापुर के बंद पड़े बाजारों में लौटी चहल-पहल
बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक अंतर्गत पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली के साप्ताहिक हाट-बाजार लगभग 40 वर्षों बाद फिर से गुलजार होने लगे हैं। माओवादी प्रभाव और भय के कारण लंबे समय तक बंद पड़े ये बाजार अब नक्सल मुक्त वातावरण में ग्रामीणों, आदिवासियों और व्यापारियों की चहल-पहल से जीवंत हो उठे हैं। वनोपज आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को इससे नई गति मिल रही है। बाजारों के पुनर्जीवित होने से छोटे व्यापारियों, किसानों और वनोपज संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है, वहीं क्षेत्र में शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर भी उभरकर सामने आ रही है।