"फाइटर जेट" के लिए 24 परिणाम मिले
रक्षा
अमेरिकी वायुसेना में हड़कंप : क्यों जंग की हालत में चीन के आगे पस्त हो सकता है सुपरपावर का सबसे घातक F-35 स्टील्थ फाइटर?
अमेरिका का सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का F-35 स्टील्थ फाइटर जेट प्रोग्राम गंभीर रखरखाव और तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। अमेरिकी जांच एजेंसी GAO की रिपोर्ट के अनुसार, F-35 विमानों की फुल मिशन-कैपेबल दर 2021 के 38% से घटकर लगभग 25% रह गई है। इसका अर्थ है कि हर चार में से केवल एक विमान ही सभी प्रकार के युद्ध अभियानों के लिए पूरी तरह तैयार है।
विदेश
ड्रैगन की दादागिरी पर ब्रेक : भारत की ब्रह्मोस के बाद अब दक्षिण कोरियाई चियोंगुंग-II से आसमान अभेद्य करेगा इंडोनेशिया
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच इंडोनेशिया अपनी रक्षा क्षमता को तेजी से मजबूत कर रहा है। जकार्ता ने दक्षिण कोरिया के Cheongung-II (KM-SAM Block II) एयर डिफेंस सिस्टम के लिए Letter of Intent जारी किया है, जबकि भारत की BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
विदेश
राफेल ने रचा इतिहास : नाटो एयरस्पेस में मार गिराया दुश्मन का ड्रोन, भारत के लिए क्यों है यह गेम-चेंजर?
लातविया के हवाई क्षेत्र में नाटो के एयर पुलिसिंग मिशन पर तैनात एक फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान ने घुसपैठ करने वाले एक ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस घटना को आधुनिक हवाई युद्ध में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि ड्रोन ऐसे क्षेत्र में उड़ रहा था जहां भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर गतिविधियां चल रही थीं।
रक्षा
हवाई वार पर पैनी नजर : भारत के 244 संवेदनशील जिलों में लगेगा अत्याधुनिक एयर रेड वॉर्निंग सिस्टम
भारत सरकार ने देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 244 संवेदनशील और सीमावर्ती जिलों में अत्याधुनिक Air Raid Warning System (ARWS) स्थापित करने की योजना बनाई है। यह AI और आधुनिक रडार नेटवर्क से जुड़ा सिस्टम ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों जैसे हवाई खतरों का रियल-टाइम पता लगाकर नागरिकों और प्रशासन को तुरंत चेतावनी देगा।
राष्ट्रीय
रूस : स्टील्थ जेट के साथ सोर्स कोड भी देगा रूस, भारत के सामने खुला नया ऑफर
रूस ने अपने अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान Su-57D को लेकर भारत के सामने नया प्रस्ताव रखा है। रूस न केवल इस विमान की आपूर्ति करना चाहता है, बल्कि इसके सोर्स कोड और तकनीकी सहयोग की पेशकश भी कर रहा है। हाल ही में पहली उड़ान भरने वाले दो-सीट वाले Su-57D को विशेष रूप से निर्यात बाजार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा आगे बढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना की भविष्य की रणनीतिक क्षमताओं में बड़ा बदलाव आ सकता है।
रक्षा
भारत : आर्मेनिया की नजर भारत की ‘प्रलय’ मिसाइल पर, रक्षा साझेदारी को मिल सकती है नई ताकत
दक्षिण कॉकस क्षेत्र में बदलते सामरिक हालात के बीच आर्मेनिया भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्मेनिया भारत की अत्याधुनिक ‘प्रलय’ बैलिस्टिक मिसाइल, Akash-NG एयर डिफेंस सिस्टम और Su-30SM लड़ाकू विमानों के अपग्रेड को लेकर बातचीत कर रहा है। अजरबैजान संघर्ष के बाद रूसी हथियारों पर भरोसा कम होने से आर्मेनिया अब भारतीय रक्षा तकनीक को अधिक विश्वसनीय मान रहा है। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा कूटनीति और वैश्विक रक्षा निर्यात के लिए बड़ा अवसर मान रहे हैं।
विदेश
भारतीय सैटेलाइट : स्वदेशी हथियारों से लैस होगा राफेल F4+, बढ़ेगी IAF की ताकत
भारत और फ्रांस के बीच राफेल F4 और F4+ लड़ाकू विमानों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के लिए तैयार किया जा रहा Rafale F4+ भारतीय जरूरतों के अनुसार गहराई से कस्टमाइज होगा। इसमें भारतीय मिसाइलें, सैटेलाइट नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और स्वदेशी कम्युनिकेशन तकनीक को जोड़ा जाएगा। यह फाइटर जेट खासतौर पर हिमालयी मिशन और स्टील्थ फाइटर्स से मुकाबले को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की युद्ध क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं।
विदेश
युद्ध तैयारी : परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू, नाटो देशों में बढ़ी दहशत
रसिया और बेलारूस ने यूक्रेन युद्ध के बीच तीन दिवसीय संयुक्त परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें 65 हजार सैनिक, मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट, युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं। रूस ने इस्कंदर-एम मिसाइल सिस्टम में परमाणु हथियार लोड करने का वीडियो भी जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास यूक्रेन और NATO देशों को रणनीतिक संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। बढ़ते ड्रोन हमलों और वैश्विक तनाव के बीच इस अभ्यास ने यूरोप और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है।
विदेश
रूस : नया Su-57 टू-सीटर जेट, भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर ऑफर
रूस ने अपने अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 के नए टू-सीटर वेरिएंट का परीक्षण शुरू कर दिया है। यह विमान भविष्य के ड्रोन युद्ध को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है, जिसमें दूसरा अधिकारी UAVs और “लॉयल विंगमैन” ड्रोन को नियंत्रित कर सकेगा। रूस ने भारत को इस परियोजना में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) और भारतीय हथियारों के एकीकरण का खुला प्रस्ताव भी दिया है। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की वायु शक्ति और स्वदेशी AMCA कार्यक्रम के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।
देश
भारत-स्वीडन : संबंधों को नई उड़ान,रक्षा-तकनीक और हरित ऊर्जा पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 मई तक स्वीडन दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर हो रही है। दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, व्यापार और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और स्वीडन के बीच रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दे सकती है।
विदेश
अर्जेंटीना : एयरफोर्स में बड़ा बदलाव, पुराने A-4 की जगह आएंगे F-16
Argentina ने लगभग 60 वर्षों तक सेवा देने वाले A-4AR/OA-4AR फाइटिंगहॉक लड़ाकू विमानों को आधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया है। उनकी जगह अब अमेरिकी F-16 Fighting Falcon विमान शामिल किए जा रहे हैं। अर्जेंटीना पहले भारत के HAL Tejas लड़ाकू विमान पर भी विचार कर रहा था, लेकिन अंततः उसने F-16 को चुना। यह फैसला अर्जेंटीना की वायुसेना के आधुनिकीकरण और बदलती रक्षा रणनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
देश
गेम चेंजर : R-37M मिसाइल बनी F-16 की सबसे बड़ी दुश्मन, भारत खरीदेगा 300 घातक मिसाइलें
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के Su-35 लड़ाकू विमान द्वारा अमेरिकी F-16 को लंबी दूरी से मार गिराने के दावे ने दुनिया का ध्यान R-37M मिसाइल की ओर खींचा है। माना जा रहा है कि इस अल्ट्रा-लॉन्ग-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल की रेंज 300-400 किलोमीटर और गति Mach 6 तक है, जिससे यह आधुनिक हवाई युद्ध में बेहद घातक मानी जा रही है। इसी बीच भारत और रूस के बीच लगभग 300 R-37M मिसाइलों की संभावित रक्षा डील चर्चा में है, जिसे भारतीय वायुसेना के लिए बड़ी रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल चीन और पाकिस्तान के खिलाफ भारत की लंबी दूरी की हवाई मारक क्षमता को मजबूत कर सकती है।