"स्वच्छ पेयजल" के लिए 28 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
देवलभांठा बना ‘हर घर जल’ गांव, 301 घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल, जल संकट का स्थायी समाधान
महासमुंद जिले के ग्राम देवलभांठा में हर घर जल योजना के तहत 301 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। लगभग 79.68 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी और 2960 मीटर पाइपलाइन का निर्माण किया गया, जिससे गांव को जल संकट से स्थायी राहत मिली। 10 दिसंबर 2025 को गांव को “हर घर जल प्रमाणित” घोषित किया गया। योजना की सफलता में सरपंच और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही, जिससे अब लोगों का जीवन आसान हुआ है।
चुनाव
बंगाल चुनाव : पहले चरण की वोटिंग से पहले प्रचार थमा, कड़ी सुरक्षा के बीच 23 को मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें करीब 3.60 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। चुनाव से पहले प्रचार खत्म हो चुका है और सभी दलों ने आखिरी जोर लगा दिया। Election Commission of India ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं—हजारों केंद्रीय बल, संवेदनशील बूथों की निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं। राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। कुल मिलाकर, यह चरण कड़ी सुरक्षा, बड़े राजनीतिक दांव और तीखे मुकाबले के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़
हर घर जल से बदली छिबर्रा की तस्वीर, हर घर तक पहुँचा स्वच्छ पानी
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम छिबर्रा में हर घर जल योजना के तहत 278 घरों में नल कनेक्शन देकर सभी परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया।
महासमुंद
गिधली गाँव में हर घर जल योजना से आई खुशहाली, अब 250 घरों तक सीधे स्वच्छ पानी
ग्राम गिधली (बसना विकासखंड, महासमुंद) में हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पहले गांव के लोग हैंडपंप और पावरपंप पर निर्भर थे, जिससे खासकर गर्मियों में पानी की किल्लत और महिलाओं के लिए कठिनाइयाँ होती थीं। योजना के तहत 100.52 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई और 4644 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 250 घरों में नल कनेक्शन दिए गए। अब सभी घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत के सरपंच शोभित मांझी के नेतृत्व और ग्रामीणों के सहयोग से गांव को 17 अप्रैल 2025 को हर घर जल ग्राम के रूप में प्रमाणित किया गया। लाभार्थियों ने बताया कि अब घर में नल से पानी मिलने से समय और मेहनत दोनों बचती हैं।