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धर्म
आस्था का केंद्र : दंतेश्वरी मंदिर का अद्भुत इतिहास और महिमा, शक्ति, संस्कृति और परंपरा का संगम
दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आस्था, संस्कृति और इतिहास का प्रमुख केंद्र है। शंखिनी और डंकिनी नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ माता सती का दांत गिरने की मान्यता प्रचलित है। 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के राजा अन्नमदेव द्वारा निर्मित यह मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला, जनजातीय परंपराओं और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
धर्म
अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव : भक्तिमय हुआ नवकार नगर धर्म, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का भव्य संगम
रायपुर के नवकार नगर में 10 से 15 मई 2026 तक भव्य अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में प्रतिदिन पूजा-अर्चना, अभिषेक, प्रवचन, भजन संध्या और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर रहे हैं। जैन संतों के प्रवचनों में अहिंसा, संयम और मानवता का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
छत्तीसगढ़
मां कौशल्या धाम : जहां श्रद्धा में मिलता है ममता का सुकून, शांति में बसती है आस्था
मदर्स डे के अवसर पर चंदखुरी स्थित मां कौशल्या धाम मातृत्व, श्रद्धा और शांति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। तालाब के बीच स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका माना जाता है, जहां पहुंचकर श्रद्धालुओं को मानसिक सुकून और दिव्य अनुभूति का अहसास होता है। यहां हर व्यक्ति समान भाव से मां की आराधना करता है और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करता है।
राजनांदगांव
आस्था से खिलवाड़ : प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा के नाम पर 21 लाख की धोखाधड़ी
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा के आयोजन के नाम पर 21 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। भोलेनाथ सेवा समिति ने हालेकोसा निवासी दिनेश साहू पर आरोप लगाया है कि उसने कथा आयोजन के लिए दो किश्तों में रकम ली और बाद में गलत तारीख दे दी। बाद में पता चला कि उन्हीं तारीखों में प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम रांची में पहले से तय था। समिति ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दिनेश साहू ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि भुगतान समय पर नहीं मिलने से कार्यक्रम रद्द हुआ।
धर्म
आस्था की पराकाष्ठा : तपती सड़क पर दंडवत प्रणाम करते पुत्र और नंगे पैर अखंड ज्योत थामे मां की अनूठी नर्मदा परिक्रमा
बालकदास बाल ब्रह्मचारी अपनी मां चंद्रकली के साथ भीषण गर्मी में नर्मदा नदी की कठिन दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं। वे रोज़ 5–7 किमी जमीन पर लेटकर बिना किसी सहारे के यात्रा करते हैं और केवल एक बार फलाहार लेते हैं। उनकी मां नंगे पैर साथ चलती हैं और अखंड ज्योत संभालती हैं। यह उनकी दूसरी परिक्रमा है और वे समाज को नशामुक्ति, स्वच्छता और नैतिक मूल्यों का संदेश भी दे रहे हैं।
धर्म
29-30 अप्रैल को पिथौरा बनेगा आस्था का केंद्र, परशुराम जन्मोत्सव पर शोभायात्रा और जनेऊ संस्कार
पिथौरा में सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव और उपनयन (जनेऊ) संस्कार का दो दिवसीय भव्य आयोजन 29 और 30 अप्रैल को परशुराम चौक स्थित ब्राह्मण समाज भवन में किया जाएगा। पहले दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जैसे पूजन, यज्ञोपवीत संस्कार के साथ बच्चों और महिलाओं की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ तथा रात्रि में रामायण पाठ होगा। दूसरे दिन भगवान परशुराम के जीवन पर व्याख्यान, वेदारंभ व समावर्तन संस्कार के बाद शोभायात्रा, कीर्तन और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।
यात्रा
यात्रा 2026 : दर्शन के साथ आस्था, रहस्य और आध्यात्म के इस अनूठे संगम को बनाएं यादगार
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो चुका है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यदि आप भी इस पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं, तो मुख्य मंदिर दर्शन के साथ आसपास स्थित व्यास गुफा, भीम पुल, वसुधारा झरना, तप्त कुंड और भविष्य बद्री जैसे आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन अवश्य करें। ये स्थान न केवल पौराणिक महत्व रखते हैं, बल्कि यात्रा को अधिक सार्थक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध भी बनाते हैं।
छत्तीसगढ़
खैरागढ़ में 27 अप्रैल को खुलेगा आस्था का रहस्यमयी द्वार : साल में सिर्फ एक दिन खुलती है मंडीप खोल गुफा
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ठाकुरटोला स्थित रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाएगी। साल में केवल एक दिन खुलने वाली इस गुफा तक पहुंचने के लिए करीब 10 किमी का कठिन जंगल सफर तय करना पड़ता है। गुफा के भीतर प्राकृतिक शिवलिंग, पवित्र कुंड और श्वेत गंगा की धारा आस्था का केंद्र हैं।
छत्तीसगढ़
आस्था की आड़ में घिनौना खेल, जांजगीर-चांपा में ढोंगी बाबा गिरफ्तार, हिमाचल से दबोचा गया आरोपी
चैत्र नवरात्रि के दौरान आरोपी पदयात्रा करते हुए पामगढ़ पहुँचा। उसने खुद को चमत्कारी बताकर शारीरिक दर्द से परेशान पीड़िता को इलाज का झांसा दिया और उसका मोबाइल नंबर ले लिया। 26 मार्च को बाबा ने पीड़िता को प्रसाद खिलाकर सम्मोहित किया और उसे अपने साथ मध्य प्रदेश के मैहर ले गया। वहां एक होटल में उसने महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया और उसकी अश्लील तस्वीरें खींच लीं।
यात्रा
खुले कपाट : भक्तिभाव और उत्साह के बीच आस्था और श्रद्धा के साथ शुरू हुई चारधाम यात्रा
22 अप्रैल की सुबह केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोल दिए गए, जिससे चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई। इससे पहले भगवान केदारनाथ की डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विभिन्न पड़ावों से होकर गौरीकुंड पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे केदारपुरी क्षेत्र को फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया। भारी भीड़ के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर कुछ जगहों पर जाम और कठिनाइयों की स्थिति भी बनी, जिसके चलते प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था पूरे जोश में बनी रही।
कीर्तिमान अतिथि
आस्था के केंद्रों को सशक्त बनाने में जुटा मंदिर महासंघ, संयोजक दाऊलाल ने पारदर्शिता, सुरक्षा और स्वायत्तता को बताया जरूरी
खल्लारी में हाल ही में हुई रोपवे दुर्घटना को उन्होंने दुखद बताया, लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक बात उनके अनुसार यह है कि दुर्घटना की जांच के नाम पर मंदिर ट्रस्टियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका तर्क बिल्कुल स्पष्ट है कि मंदिर ट्रस्ट का दायित्व मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की व्यवस्था तक सीमित है, न कि किसी तकनीकी ढांचे जैसे रोपवे के रख-रखाव तक
छत्तीसगढ़
खल्लारी मेला : उमड़ी आस्था की भीड़, मौत का कुआं और झूला रहा सबसे बड़ा आकर्षण
महासमुंद के खल्लारी मंदिर में आयोजित चैत्र पूर्णिमा मेला 4 दिन बाद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मन्नतें मांगी। मौत का कुआं, आधुनिक झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे, वहीं प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच पूरा आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।