"वन्यजीव संरक्षण" के लिए 55 परिणाम मिले
यात्रा
हॉर्नबिल सफारी : उदंती-सीतानदी में शुरू होगी खास सफारी, जनजातीय गांवों को मिलेगा रोजगार का नया सहारा
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण और स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए हॉर्नबिल सफारी शुरू की जाएगी। ओढ़, अमलोर और आमामोरा गांवों में संचालित होने वाली इस पहल से पर्यटकों को दुर्लभ पक्षियों के प्राकृतिक आवास में दर्शन का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़
कुदरत का करिश्मा : टाइगर रिजर्व में दिखी रहस्यमयी उड़न गिलहरी, वन्यजीव विशेषज्ञों में बढ़ी उत्सुकता
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल (उड़न गिलहरी) दिखाई दी है। वन विभाग ने इसे जैव विविधता संरक्षण और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी का सकारात्मक संकेत बताया है। इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी से वन्यजीव संरक्षण, शोध गतिविधियों और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कोरबा
दहशत : घर में मिला 11 फीट किंग कोबरा, टीम ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा
कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में रविवार को एक 11 फीट लंबा किंग कोबरा घर में घुस गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।
रायपुर संभाग
पुष्पा स्टाइल में तस्करी : तालाब के पानी और ज़मीन के नीचे छिपाई थी करोड़ों की अवैध लकड़ी, स्निफर डॉग ने खोला राज
गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। तस्करों ने सागौन की लकड़ी को तालाब और जमीन के नीचे छिपाकर रखा था, जिसे स्निफर डॉग की मदद से बरामद किया गया।
रायगढ़
संकट : मई में 4 शावकों की मौत से हड़कंप, हाथी संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल
छत्तीसगढ़ में हाथी शावकों की लगातार हो रही मौतें चिंता का विषय बन गई हैं। केवल मई 2026 में डूबने से चार हाथी शावकों की मौत हुई, जबकि जनवरी से अब तक जिले में कुल 9 शावकों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञ जल स्रोतों के आसपास निगरानी की कमी, बढ़ते विचरण क्षेत्र और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को संभावित कारण मान रहे हैं।
रायपुर
बड़ा फैसला : सफारी का रोमांच अब महंगा, नई टिकट नीति से बढ़ा पर्यटकों का खर्च
नवा रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी में टिकट दरों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। नई शुल्क नीति के तहत बच्चों, वयस्कों और विदेशी पर्यटकों के टिकट महंगे हो गए हैं। वन विभाग के अनुसार यह कदम सफारी के रखरखाव, वन्यजीव संरक्षण और बेहतर पर्यटक सुविधाओं के लिए उठाया गया है।
राष्ट्रीय
बदलेगी किस्मत : 44,600 करोड़ के केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को PM मोदी की हरी झंडी
देश की पहली बड़ी नदी जोड़ो परियोजना Ken-Betwa Link Project एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ₹44,600 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना की समीक्षा कर राज्यों को आपसी विवाद जल्द सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की समस्या को खत्म करना है, लेकिन विस्थापन, पर्यावरणीय असर और पन्ना टाइगर रिजर्व पर खतरे जैसे मुद्दे अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
रायपुर
जैव विविधता की झलक : समर कैंप के दौरान प्रकृति का अनोखा दृश्य, विशाल भारतीय गिलहरी ने खींचा ध्यान
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार वनमंडल अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) देखी गई। इस महत्वपूर्ण दृश्य से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और विशेषज्ञों में उत्साह है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे राज्य की वन्यजीव संरक्षण नीतियों की सफलता बताया। यह खोज क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जा रही है।
मनोरंजन
कुदरत का करिश्मा : कैमरे में कैद हुआ दूध जैसा सफेद दुर्लभ एल्बिनो हॉग डियर, CM भी हुए मुग्ध
Kaziranga National Park से एक बेहद दुर्लभ और चौंका देने वाला दृश्य सामने आया है। यहां एक एल्बिनो हॉग डियर (सफेद पाढ़ा हिरण) का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर भूरे रंग का दिखने वाला यह हिरण पूरी तरह सफेद नजर आया, जिसने वन्यजीव प्रेमियों को रोमांचित कर दिया।
कांकेर (उत्तर बस्तर)
भीषण गर्मी का कहर : कांकेर में 500 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। कांकेर जिले के सरोना गांव में पिछले कुछ दिनों में 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई। विशेषज्ञ इसे हीट स्ट्रोक और लगातार बढ़ते तापमान का असर मान रहे हैं। इससे पहले कोरबा जिले में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।
यात्रा
वाइल्डलाइफ का नया हब : 50 साल बाद लौटे काले हिरणों का कुनबा 200 के पार, बर्ड सर्वे 2026 में मिले कई दुर्लभ विदेशी मेहमान
छत्तीसगढ़ का बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य देश में वन्यजीव संरक्षण और रीवाइल्डिंग का सफल मॉडल बनकर उभरा है। 2018 में लाए गए 77 काले हिरणों की संख्या अब 200 से अधिक हो चुकी है, जिससे यह परियोजना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। हाल ही में हुए “बर्ड सर्वे 2026” में 202 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें Bar-headed Goose और Peregrine Falcon जैसे दुर्लभ प्रवासी पक्षी शामिल हैं।
रायगढ़
प्यास ने छीनी जिंदगी : पानी की तलाश में बस्ती पहुंचे कोटरी, कुत्तों के हमले से मौत
रायगढ़ के चिराईपानी जंगल क्षेत्र में भीषण गर्मी और जलसंकट के बीच एक कोटरी (हिरण प्रजाति) पानी की तलाश में भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गई। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने उसे बचाकर वन विभाग को सौंपा, जहां इलाज के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ा गया। हालांकि, अत्यधिक डर और तनाव के कारण “कैप्चर मायोपैथी” विकसित होने से उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया। यह घटना जंगलों में पानी की कमी और वन्यजीव संरक्षण की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।