"आंगनबाड़ी केंद्र" के लिए 63 परिणाम मिले
राज्य सरकार
सीईओ का निरीक्षण : सीईओ ने योजनाओं की प्रगति पर कसा शिकंजा, कई निर्माण कार्यों का निरीक्षण
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने सरायपाली और बसना विकासखंडों का निरीक्षण कर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ग्राम बालसी में सामुदायिक शौचालय, केंदुढार में आंगनबाड़ी भवन निर्माण, तथा बिरकोल में हाट बाजार एवं तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
मिशन : बालोद और मोहला-मानपुर जिलों में योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे, प्रधानमंत्री आवास योजना, सूर्यघर योजना, कृषि योजनाओं और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
विकास की नई सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल में की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम गारपा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में नक्सल प्रभाव के बाद अब तेजी से हो रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
राज्य सरकार
बड़ा कदम : नियद नेल्ला नार 2.0 से माओवादी क्षेत्रों में पहुंचेगा योजनाओं का पूरा लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के तहत माओवादी प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में सभी पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने का अभियान शुरू किया जा रहा है। मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
महासमुंद
योजनाओं की समीक्षा : समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश
जिले में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने तथा 1 जून से ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए।
बीजापुर
अभियान : अंदरूनी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर, विधायक ने किया व्यापक दौरा
विधायक विक्रम मंडावी ने बीजापुर जिले के उसूर और गंगालूर विकासखंड के 33 अंदरूनी गांवों का चार दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी प्रमुख समस्याएं सुनीं, जिनमें स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र और रोजगार की कमी शामिल रही। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी मांगों को गंभीरता से लेकर सरकार तक पहुंचाया जाएगा और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में विकास की बड़ी जरूरत है और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सेहत
मोटेअनाज : दूर हो सकती है विटामिन की कमी, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
भारत में शाकाहारी लोगों में विटामिन बी12, विटामिन डी और आयरन की कमी तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली के शोधकर्ताओं की नई स्टडी में सामने आया है कि बाजरा, ज्वार, रागी जैसे पारंपरिक मोटे अनाज और उन्हें खाने के देसी तरीके शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भिगोकर, अंकुरित या फर्मेंटेड रूप में मोटे अनाज खाने से शरीर को आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व अधिक आसानी से मिलते हैं। बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड के बढ़ते चलन के बीच अब भारतीय पारंपरिक खानपान को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए फिर से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़
नक्सलियों के गढ़ पूवर्ती में पहली बार जनगणना : 3 दिन में पूरे गांव का सर्वे, 234 मकान और 950 से ज्यादा आबादी दर्ज
सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित पूवर्ती गांव में पहली बार जनगणना का कार्य पूरा हुआ। माड़वी हिड़मा और देवा बारसे के गांव में महज 3 दिनों में 234 मकानों और 950 से ज्यादा आबादी का सर्वे किया गया। स्थानीय भाषा और संवेदनशील परिस्थितियों के बावजूद टीम ने हर घर तक पहुंचकर काम पूरा किया। कलेक्टर अमित कुमार ने इसे प्रेरणादायक बताया। कभी नक्सल आतंक के लिए चर्चित पूवर्ती अब विकास और प्रशासनिक पहुंच की नई मिसाल बन रहा है।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
प्रोजेक्ट धड़कन से बची 2 वर्षीय पारूल की जान, सफल सर्जरी के बाद मुस्कान लौटी परिवार में
नारायणपुर जिले के ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा को “प्रोजेक्ट धड़कन” के तहत हुई स्क्रीनिंग में गंभीर हृदय रोग का पता चला। समय पर रेफरल और रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई है। यह अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की हृदय बीमारियों की शुरुआती पहचान और जीवन रक्षक उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
छत्तीसगढ़
बड़ा फैसला : आंगनबाड़ी समय घटाकर 2 घंटे, सुबह 7 से 9 बजे तक ही उपस्थिति तय
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया गया है। 01 अप्रैल से 30 जून 2026 तक केंद्र सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक खुलेंगे, जबकि 23 अप्रैल से 30 जून के बीच बच्चों की उपस्थिति केवल 7:00 से 9:00 बजे तक सीमित रहेगी। इस अवधि में बच्चों को ECCE गतिविधियां और पूरक पोषण आहार नियमित रूप से दिया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ता गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श भी देंगी। बच्चों की सुरक्षा, समय पर घर पहुंचाने और व्यवस्थाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है। 01 जुलाई से केंद्र फिर सामान्य समय पर संचालित होंगे।
महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से बढ़ी चिंता : 10 में 3-4 महिलाओं के डेटा में मिसमैच, किस्त रुकने का डर
महतारी वंदन योजना के KYC में नाम की स्पेलिंग गड़बड़ी से महिलाओं की चिंता बढ़ गई है। हर 10 में 3-4 केस में नाम मिसमैच मिल रहा है, जिससे किस्त रुकने का डर है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं, सुधार संभव है और KYC जून तक जारी रहेगी।