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भाजपा
असम में फिर हिमंता राज : दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे हिमंता बिस्वा सरमा, गुवाहाटी में समारोह
असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दोबारा जीत हासिल की है। पार्टी विधायक दल ने हिमंता बिस्वा सरमा को फिर नेता चुना है। वह मंगलवार, 12 मई को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गुवाहाटी में आयोजित समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सुबह 11:40 बजे उन्हें और नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
अंबिकापुर (सरगुजा)
कमोदा रिसॉर्ट विवाद : तहसील कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई
अंबिकापुर में जिला प्रशासन ने कमोदा रिसॉर्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन के अनुसार रिसॉर्ट का निर्माण करीब 45 डिसिमल सरकारी भूमि पर किया गया था। दो दिन पहले विरोध और हंगामे के कारण कार्रवाई टाल दी गई थी, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद सोमवार सुबह भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ टीम मौके पर पहुंची। तहसील न्यायालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं रिसॉर्ट की जमीन से जुड़े शरणार्थी भूमि विवाद की भी जांच जारी है। पिछले एक महीने से अंबिकापुर में प्रशासन लगातार अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है।
अंबिकापुर (सरगुजा)
कमोदा रिसॉर्ट विवाद : सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप, प्रशासन ने दी दो दिन की मोहलत
अंबिकापुर के कमोदा रिसॉर्ट पर करीब 45 डिसिमल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण करने के आरोप लगे हैं। तहसील स्तर की जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने हटाने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन मौके पर विरोध और विवाद के कारण कार्रवाई रोक दी गई। एसडीएम ने संचालक को दो दिन का समय दिया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबिकापुर (सरगुजा)
प्रशासन का कड़ा प्रहार : अंबिकापुर में वन भूमि पर बने अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
अंबिकापुर में प्रशासन ने वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। डबरीपानी, नवागढ़ और महामाया पहाड़ क्षेत्र में करीब 157 अवैध मकानों को बुलडोजर से हटाया जा रहा है। वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार कब्जाधारियों को पहले नोटिस दिया गया था। यह कार्रवाई वन भूमि और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान का हिस्सा है।
कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी 65 समस्याएं, त्वरित निराकरण के निर्देश दिए
महासमुंद में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जनदर्शन के दौरान आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं, जिसमें कुल 65 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी मामलों का प्राथमिकता से शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए और पात्र लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ देने को कहा। आवेदन खसरा सुधार, किसान सम्मान निधि, पेंशन, भूमि सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास और अन्य समस्याओं से जुड़े थे। जिला स्तरीय अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़
भू-माफिया की दबंगई : रिंग तालाब कब्जा, निगम कर्मियों को धमकी देने वाले आजाद इराकी पर FIR दर्ज
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में रिंग बांध तालाब की सरकारी जमीन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र और फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन पर कब्जा किया गया और मिट्टी डालकर उसे समतल करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम की टीम भेजी, लेकिन मौके पर कुछ लोगों ने काम में बाधा डाली और कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगा। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
छत्तीसगढ़
कार्रवाई : प्राचीन भाथु तालाब के नाले पर चला प्रशासन का बुलडोजर, होटल संचालक का एक एकड़ का अवैध कब्जा जमींदोज
अंबिकापुर (सरगुजा) में नगर निगम और जिला प्रशासन ने भाथु तालाब के प्राकृतिक नाले पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की। रिंग रोड स्थित एक होटल पर आरोप था कि उसने विस्तार के लिए नाले को मिट्टी डालकर पाट दिया और बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा करने की कोशिश की। शिकायत के बाद जांच में अतिक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने जेसीबी और पुलिस बल की मदद से निर्माण ध्वस्त कर दिया।
यात्रा
छत्तीसगढ़ का गौरव : बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी को मिली राष्ट्रीय पहचान
छत्तीसगढ़ के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों (ब्लैकबक) के सफल पुनर्स्थापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहा गया, जिससे राज्य के संरक्षण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिली। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और आवास क्षरण के कारण यहां से काले हिरण लगभग विलुप्त हो गए थे, लेकिन 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के बाद पुनर्स्थापन योजना शुरू की गई। वैज्ञानिक प्रबंधन, बेहतर आवास व्यवस्था, पशु चिकित्सा देखभाल और निरंतर निगरानी के कारण इनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा, सैटेलाइट व ड्रोन से बड़े पैमाने पर जंगल कटाई का खुलासा
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में सैटेलाइट और ड्रोन जांच से पता चला है कि पिछले 15 वर्षों में करीब 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा हुआ और 1 लाख से अधिक पेड़ काटे गए। खेती के नाम पर जंगल साफ किया गया, जिससे वन्यजीवों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हुआ है।
छत्तीसगढ़
जनदर्शन में 60 आवेदनों पर त्वरित निराकरण के निर्देश, आमजन की समस्याओं पर सख्त कलेक्टर
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जनदर्शन में जिले के लोगों की समस्याएं सुनीं, जहां कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आवास, खाता विभाजन, बिजली कनेक्शन, आधार नामांकन और अन्य मुद्दों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए गए।
छत्तीसगढ़
बड़ी कार्रवाई : आरक्षित वन में अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई पर सख्त कार्रवाई, 52 लोग जेल भेजे गए
वनमंडल महासमुंद के बागबहरा क्षेत्र में तमोरा बीट के अंतर्गत आरक्षित वन भूमि पर हुए बड़े पैमाने के अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। लगभग 94 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा कर पेड़ों की कटाई, भूमि की जुताई और वन सीमा चिन्हों को नुकसान पहुँचाने के आरोप में 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों पर वन अधिनियम और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़
भड़की हिंसा : जंगल बचाने पहुँचे कर्मचारी पर हमला, विस्थापन की आग में भड़का घरघोड़ा
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज में वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर तनाव हिंसक हो गया। चिमटापानी क्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को पोकलेन मशीन से जंगल की जमीन समतल करते हुए रोका, जिस पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने हथियारों और डंडों से वनकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की और उन्हें मौके से भगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि NTPC Limited द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद वे बेघर हो गए हैं, इसलिए मजबूरी में जंगल की जमीन पर बसने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला वन संरक्षण और विस्थापन के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करता है।