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रायपुर
मानसून सक्रिय : बारिश की कमी होगी दूर! छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई से तेज होगा मानसून, कई क्षेत्रों में बरसात का अनुमान
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों में सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों और बस्तर के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अगले पांच दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
ग्लैमर
फैशन का नया ट्रेंड : बारिश के मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ कंफर्ट पर भी फोकस कर रहे लोग
मानसून 2026 में फैशन ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। पेस्टल कलर, हल्के फैब्रिक, स्मार्ट कैजुअल और कंफर्टेबल आउटफिट्स युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं।
रायपुर
मौसम अपडेट : मानसून लो गियर में, छत्तीसगढ़ में 15% कम बारिश, बारिश के लिए इंतजार
छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जबकि 48 से 72 घंटों में कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय
बारिश का डबल अटैक : 17 राज्यों में चेतावनी, कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त
देश भर में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गुरुवार को हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सामान्य जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली और एनसीआर के शहरों से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान हादसों और बिजली गिरने से कुल 20 लोगों की मौत की खबर है।
सरगुजा संभाग
मानसून की रफ्तार तेज : छत्तीसगढ़ में बारिश से झरने लबालब, खेतों में पानी भरने से किसान परेशान
छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। भारी वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
सूरजपुर
बारिश की आस में अनोखी शादी : सूरजपुर में ग्रामीणों ने कराया मेढ़क-मेढ़की का विवाह
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खूंशी क्षेत्र में बारिश नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने मानसून को बुलाने के लिए अनोखी परंपरा निभाई। ग्रामीणों ने मेढ़क-मेढ़की का विवाह कराकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की कामना की। बैंड-बाजे के साथ निकली बारात और आदिवासी रीति-रिवाजों से हुए इस आयोजन में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
राष्ट्रीय
देश में आफत की बारिश : सूरत डूबा, गुरुग्राम में हाईवे धंसा और जबलपुर में गिरी पांच मंजिला इमारत
देश के कई राज्यों में भारी बारिश यानी हैवी रेन ने भारी तबाही मचाई है। गुजरात से लेकर हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक जनजीवन यानी पब्लिक लाइफ पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कें नदियां बन चुकी हैं तो कहीं इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं।
कोरबा
बारिश का कहर : हसदेव नदी उफान पर, दर्री बांध का गेट खुलते ही प्रशासन अलर्ट
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कोरबा जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हसदेव नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बढ़ते जलस्तर के कारण दर्री बांध का गेट खोल दिया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
राष्ट्रीय
बाढ़ से तबाही : डोडा में बारिश के बाद अचानक बाढ़, थथरी में जनजीवन अस्त-व्यस्त
जम्मू-कश्मीर के थथरी इलाके में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात। राहत और सफाई अभियान शुरू, नुकसान का आकलन जारी
राष्ट्रीय
मुंबई में उठे सवाल : करोड़ों के घरों में भी जलभराव, बारिश के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा
मुंबई में हो रही जोरदार बारिश ने शहर की चमक-धमक और बड़ी-बड़ी इमारतों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट से साफ है कि शहर के सबसे महंगे रिहायशी प्रोजेक्ट्स में रहने वाले लोग भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
महासमुंद
बारिश ने तोड़ा संपर्क : सड़क धंसने से आवागमन ठप, स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
महासमुंद जिले में लगातार दो दिनों की भारी बारिश से एनएच-53 से बावनकेरा होकर छिलपावन-झलप जाने वाला मुख्य मार्ग धंस गया, जिससे रामाडबरी सहित करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, मजदूरों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
राजनांदगांव
भ्रष्टाचार की पहली बारिश : करोड़ों के चमचमाते पुल ताश के पत्तों की तरह ढहे, जनता में भारी आक्रोश
छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश के बाद राजनांदगांव और कोरबा में करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल और ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गए। कहीं लंबी दरारें आईं तो कहीं सड़क और पुलिया का हिस्सा बह गया। घटनाओं के बाद निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।