"भारी बारिश" के लिए 129 परिणाम मिले
राष्ट्रीय
मानसून पर ब्रेक : कहीं सूखा तो कहीं बाढ़, मौसम के बदले मिजाज से बढ़ी मुश्किलें
देश के बड़े हिस्सों में इन दिनों मानसून ने अचानक ब्रेक ले लिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की रफ्तार काफी धीमी रहेगी। बीते 11 साल में यह तीसरा ऐसा मौका है जब जुलाई के महीने में मानसून इस तरह सुस्त पड़ गया है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में अभी भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
रायपुर
सक्रिय मानसून : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, दो दिन बाद तेज होगी बारिश की गतिविधियां
छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ गया है और पिछले 24 घंटे में सामान्य से करीब 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 15-16 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
राष्ट्रीय
मानसून का फिर से यू-टर्न : 70 फीसदी हिस्सा सूखा, क्या अब देशभर में होगी झमाझम बारिश?
देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की रफ्तार कुछ समय के लिए सुस्त पड़ गई थी। इसके कारण कई मैदानी इलाकों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब मौसमी हवाओं का रुख एक बार फिर तेजी से बदल रहा है।
राष्ट्रीय
देश में मानसून की स्थिति : केदारनाथ-ऋषिकेश रूट सहित 440 सड़कें बंद, मैदानी राज्यों में बदला मौसम
देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। भारत के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल पूरी तरह गायब हो चुके हैं। इसके कारण मैदानी राज्यों में चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक कई राज्यों में राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
राष्ट्रीय
Monsoon Alert : देश के पश्चिमी हिस्से से गायब हुए बादल, जानिए अगले 5 दिन आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम
मध्यप्रदेश, राजस्थान और आसपास के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की कमी बनी रह सकती है। वहीं पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।
रायपुर
मौसम अपडेट : मानसून लो गियर में, छत्तीसगढ़ में 15% कम बारिश, बारिश के लिए इंतजार
छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जबकि 48 से 72 घंटों में कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय
बारिश का डबल अटैक : 17 राज्यों में चेतावनी, कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त
देश भर में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गुरुवार को हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सामान्य जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली और एनसीआर के शहरों से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान हादसों और बिजली गिरने से कुल 20 लोगों की मौत की खबर है।
राष्ट्रीय
सड़क किनारे गूंजी किलकारी : एंबुलेंस नहीं, सड़क किनारे हुआ प्रसव, तहसीलदार ने बचाई जच्चा-बच्चा की जान
शिवपुरी में एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गर्भवती महिला को बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा। रास्ते में तेज प्रसव पीड़ा के चलते बारिश के बीच सड़क किनारे ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। सूचना मिलने पर बैराड़ तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जच्चा-बच्चा को अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
राष्ट्रीय
मूसलाधार आफत : उफान पर पातालगंगा नदी, बह गए 3000 एलपीजी सिलेंडर
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण एचपीसीएल प्लांट से करीब 3000 एलपीजी गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। कलेक्टर ने लोगों को सिलेंडरों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
महासमुंद
पार ढही : खेती के सीजन में बढ़ी परेशानी, खट्टी गांव में नहर टूटने से बंद हुआ मार्ग
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम खट्टी में लगातार बारिश के चलते अपर जोंक केनाल की पार ढह गई है। नहर टूटने से खेतों तक जाने वाला मुख्य रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे किसानों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। खेती के सीजन में खाद, बीज और कृषि उपकरण पहुंचाने में परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग की है।
राष्ट्रीय
देश में आफत की बारिश : सूरत डूबा, गुरुग्राम में हाईवे धंसा और जबलपुर में गिरी पांच मंजिला इमारत
देश के कई राज्यों में भारी बारिश यानी हैवी रेन ने भारी तबाही मचाई है। गुजरात से लेकर हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक जनजीवन यानी पब्लिक लाइफ पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं सड़कें नदियां बन चुकी हैं तो कहीं इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं।
कोरबा
बारिश का कहर : हसदेव नदी उफान पर, दर्री बांध का गेट खुलते ही प्रशासन अलर्ट
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कोरबा जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हसदेव नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बढ़ते जलस्तर के कारण दर्री बांध का गेट खोल दिया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।