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Durg Police arrested 8 accused in a cyber fraud case(Image Source: Keertiman Media)
Durg Police arrested 8 accused in a cyber fraud case(Image Source: Keertiman Media)
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Cyber Fraud: कमीशन के बदले बैंक खाते देने वाले 8 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

Cyber Fraud: दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक खाते, ATM, पासबुक और SIM उपलब्ध कराने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 2 से 15 हजार रुपए के कमीशन के लालच में खाते दिए थे।

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प्रकाशित: 08 Oct 2026, 11:52 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Cyber Fraud: दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के लिए अपने खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जांच के दौरान ऐसे 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कुछ हजार रुपए के कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े जरूरी दस्तावेज दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने दिए थे।पुलिस के मुताबिक, इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपये से अधिक की रकम के लेनदेन के संकेत मिले हैं। आरोपियों ने बैंक खाते के साथ एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल सिम तक दूसरे लोगों को सौंप दिए थे। इसके बदले उन्हें करीब 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन मिलने की बात सामने आई है।

साइबर अपराध से जुड़े खातों की जांच के दौरान खुलासा

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों के लेनदेन की जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी जानकारी और अन्य साक्ष्यों को आपस में जोड़कर पुलिस उन खाताधारकों तक पहुंची, जिन्होंने अपने खाते दूसरे लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए थे। यह कार्रवाई नेवई, पुरानी भिलाई, पाटन और भिलाई नगर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जांच के दौरान सामने आई।

कमीशन के लालच में सौंप दिए बैंक खाते

पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने तत्काल पैसे कमाने के लालच में अपने बैंक खातों का नियंत्रण दूसरे व्यक्तियों को दे दिया था। केवल बैंक खाते की जानकारी ही नहीं, बल्कि एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल सिम भी सौंपे गए। इन बैंकिंग साधनों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया गया। खाताधारकों को खाता उपलब्ध कराने के बदले 2 हजार से 15 हजार रुपए तक दिए जाते थे। जांच में यह भी पता चला कि कुछ एजेंट बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज जुटाकर उन्हें आगे उपलब्ध कराने के बदले 15 हजार से 20 हजार रुपए तक कमीशन लेते थे। पुलिस का कहना है कि मामूली आर्थिक लाभ के लिए बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।

अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पकड़े गए 8 आरोपी

पुलिस के अनुसार, नेवई थाना क्षेत्र से 3, भिलाई नगर से 2 तथा पुरानी भिलाई, पाटन और छावनी थाना क्षेत्र से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महादेव साहू (48), पीलू खिलाड़ी (34), विराज कुमार पोल (21), नीरज कुमार प्रसाद (23), राबिन सिंह (34), विशु बंजारे (23), नवीन ठाकुर (23) और टिकेश्वर प्रसाद चन्द्राकर (61) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामान और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के जरिए पुलिस साइबर ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।
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