"कांग्रेस" के लिए 462 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
भगवान परशुराम प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया गया, परशुराम चौक नामकरण पट्टिका का हुआ लोकार्पण
बागबाहरा में भगवान परशुराम प्रकटोत्सव श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा शोभायात्रा, सामूहिक पूजन और महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ह्यूमन प्राइड स्कूल के सामने प्रस्तावित “भगवान परशुराम चौक” नामकरण पट्टिका का विधायक द्वारिकाधीश यादव और नगर पालिका पदाधिकारियों की उपस्थिति में लोकार्पण किया गया। अपने संबोधन में विधायक ने भगवान परशुराम के पराक्रम और ब्राह्मण समाज के ज्ञान एवं सांस्कृतिक योगदान की सराहना की।
देश
बंगाल चुनाव : रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल, किसके सिर सजेगा ताज?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर 92.88% रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से करीब 10% ज्यादा है। महिलाओं ने पुरुषों से अधिक भागीदारी दिखाई और कई जिलों में 90% से ज्यादा वोटिंग दर्ज हुई। इस भारी मतदान ने टीएमसी और बीजेपी के बीच मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। दोनों दल अपने-अपने समर्थन आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन इतना ज्यादा मतदान किसके पक्ष में जाएगा, यह साफ नहीं है। अब सभी की नजर चुनाव परिणामों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि सत्ता में वापसी होगी या बदलाव।
कांग्रेस
डीके शिवकुमार ने दिया बड़ा संकेत, कहा सिर्फ ताजी हवा के लिए नहीं आया दिल्ली
कर्नाटक की सियासत में हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। उन्होंने शीर्ष नेताओं से मुलाकात की पुष्टि तो की, लेकिन बातचीत का विवरण साझा करने से साफ इनकार कर दिया। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन वे इन बैठकों का विवरण सार्वजनिक नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मैं अपना काम करता रहूंगा, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैं किन-किन नेताओं से मिला हूं।
छत्तीसगढ़
24 घंटे में पलटा आदेश : कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक वापस
छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने वाला आदेश 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। आदेश में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी, लेकिन विरोध के बाद इसे वापस लेना पड़ा। कांग्रेस ने फैसले के समय और मंशा पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। सरकार का कहना है कि यह पहले से लागू नियमों की पुनरावृत्ति थी, जबकि विपक्ष इसे स्पष्टता की कमी और राजनीतिक कदम बता रहा है।
छत्तीसगढ़
सभा में हंगामा : 82 प्लेसमेंट कर्मचारी, ठेकेदारी, जल योजना और पारदर्शिता को लेकर विपक्ष-प्रशासन आमने-सामने
खैरागढ़ नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा बैठक में पारदर्शिता, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने 82 प्लेसमेंट कर्मचारियों की नियुक्ति, ठेकेदारी में पक्षपात, सफाई व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया में देरी और भुगतान में अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक में जल आवर्धन योजना और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष जताया गया। कई मुद्दों पर अधिकारियों द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने से माहौल तनावपूर्ण रहा और अंत तक कई सवाल अनसुलझे रह गए।
देश
मतदान केंद्र पर बवाल : मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हिंसा, टीएमसी-हुमायूं कबीर समर्थक भिड़े
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के नौदा इलाके में मतदान के दौरान टीएमसी और AUJP उम्मीदवार हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। विवाद देखते ही देखते हाथापाई, पथराव और तनाव में बदल गया, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तथा कुछ जगह लाठीचार्ज करना पड़ा। इलाके में पहले से तनाव था, क्योंकि एक दिन पहले देसी बम हमले की घटना भी हुई थी। हुमायूं कबीर ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर माहौल बिगाड़ने और पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया, जबकि उनके खिलाफ भी विरोध और नारेबाजी हुई। घटना के बाद वे कुछ समय के लिए धरने पर बैठे। प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में बताई है और चुनाव आयोग ने मामले की रिपोर्ट मांगी है।
देश
खड़गे के बयान पर विवाद गहराया, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए उनके बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को “आतंकवादी” कहा। भाजपा ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की, जिसके बाद आयोग ने खड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चुनाव
बंगाल चुनाव : पहले चरण की वोटिंग से पहले प्रचार थमा, कड़ी सुरक्षा के बीच 23 को मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें करीब 3.60 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। चुनाव से पहले प्रचार खत्म हो चुका है और सभी दलों ने आखिरी जोर लगा दिया। Election Commission of India ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं—हजारों केंद्रीय बल, संवेदनशील बूथों की निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं। राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। कुल मिलाकर, यह चरण कड़ी सुरक्षा, बड़े राजनीतिक दांव और तीखे मुकाबले के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
देश
मोदी का दौरा : पीएम मोदी का चुनावी हमला और झालमुड़ी संग हल्का-फुल्का अंदाज़, राजनीतिक सरगर्मी तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के झारग्राम सहित राज्य में कई जनसभाएँ कीं, जहाँ उन्होंने चुनावी माहौल में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, घुसपैठ और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगाए। झारग्राम दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय बाजार में झालमुड़ी का स्वाद लिया और लोगों से मुलाकात की, जिससे एक हल्का-फुल्का जनसंपर्क भी देखने को मिला। यह दौरा राजनीतिक हमलों और आम लोगों के साथ अनौपचारिक बातचीत—दोनों कारणों से चर्चा में रहा।
संसद
परिसीमन और आरक्षण : सीटें बढ़ाने का सपना क्यों टूटा, और लोकसभा में कैसे गिरी सरकार की सबसे बड़ी संसदीय बाज़ी, समझिए पूरी कहानी
पूरे घटनाक्रम को अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं है। यह उस जटिल संतुलन का उदाहरण है, जिसमें जनसंख्या, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक हित एक साथ टकराते हैं। यही कारण है कि यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा। यह कहा जा सकता है कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने का यह प्रयास संसदीय प्रक्रिया में नहीं रुका, इसने यह भी दिखा दिया कि बड़े संवैधानिक बदलाव बहुमत से ही नहीं, व्यापक सहमति से ही संभव होते हैं।
देश
प्रियंका गांधी की PC : महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का खेल था, 131वां संशोधन बिल गिरने पर सियासत तेज
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस सामने आई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक महिला आरक्षण के बजाय परिसीमन से जुड़ा था, जबकि सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया। संसद में हुई बहस में संघीय ढांचे, जनगणना और प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे केंद्र में रहे।
संसद
सियासी टकराव : नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का बिल संसद में अटका , पीएम ने जताया दुख, विपक्ष का पलटवार
यह मामला केवल एक विधेयक के पास या फेल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी, संवैधानिक प्रक्रिया और केंद्र-विपक्ष के रिश्तों को भी उजागर करता है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।