"महिला एवं बाल विकास" के लिए 121 परिणाम मिले
रायपुर
महतारी वंदन योजना : मिहलाओं को 27वीं किस्त सीधे उनके खातों में
छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी है, जिसके तहत राज्य की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 642 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान इस किस्त का शुभारंभ किया। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है। लाभार्थी महिलाएं एसएमएस अलर्ट, आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने भुगतान की स्थिति चेक कर सकती हैं। साथ ही सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया है, जिसकी प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी, ताकि भविष्य में सहायता राशि बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
शिविर : 314 में से 250 से अधिक आवेदनों का मौके पर समाधान, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान के तहत धमतरी जिले के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासन ने 314 में से 250 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया। इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और अधिकांश को तुरंत मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला-बाल विकास विभाग के माध्यम से लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य प्रशासन को जनता के करीब लाना और शिकायतों का तेज, पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
छत्तीसगढ़
कार्ययोजना : ग्राम पंचायत स्तर पर बनेगी योजना, सीएसआर फंड के उपयोग पर जोर
छत्तीसगढ़ के मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जलवायु परिवर्तन स्टियरिंग समिति की बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने और सीएसआर फंड का उपयोग जलवायु कार्यक्रमों में करने पर जोर दिया गया। बैठक में राज्य की जलवायु कार्ययोजना, कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम, और जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, ई-वाहन और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
बड़ा फैसला : आंगनबाड़ी समय घटाकर 2 घंटे, सुबह 7 से 9 बजे तक ही उपस्थिति तय
भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया गया है। 01 अप्रैल से 30 जून 2026 तक केंद्र सुबह 7:00 से 11:00 बजे तक खुलेंगे, जबकि 23 अप्रैल से 30 जून के बीच बच्चों की उपस्थिति केवल 7:00 से 9:00 बजे तक सीमित रहेगी। इस अवधि में बच्चों को ECCE गतिविधियां और पूरक पोषण आहार नियमित रूप से दिया जाएगा। साथ ही कार्यकर्ता गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श भी देंगी। बच्चों की सुरक्षा, समय पर घर पहुंचाने और व्यवस्थाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है। 01 जुलाई से केंद्र फिर सामान्य समय पर संचालित होंगे।
छत्तीसगढ़
शादी के बाद ससुराल पहुंची दुल्हन, पुलिस ने सुबह वापस भेजा मायके; बालोद में बाल विवाह का अनोखा मामला
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां शादी की सभी रस्में पूरी होने और दुल्हन के एक रात ससुराल में रहने के बाद पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने हस्तक्षेप किया। जांच में दूल्हे की उम्र कानूनी रूप से विवाह योग्य नहीं पाए जाने पर शादी को बाल विवाह मानते हुए शून्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद दुल्हन को उसके मायके राजनांदगांव भेज दिया गया। परिवार ने कहा है कि दो महीने बाद, दूल्हे की उम्र पूरी होने पर दोनों की शादी फिर से की जाएगी।
छत्तीसगढ़
महतारी वंदन योजना : पारदर्शिता के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य
महतारी वंदन योजना के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। जिले में 3,03,808 लाभार्थियों में से अब तक 1,20,827 का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि शेष प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने का लक्ष्य है। लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे शिविर में जाकर आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ ई-केवाईसी अवश्य कराएं, ताकि योजना का लाभ बिना बाधा मिलता रहे।
महतारी वंदन KYC में नाम की गड़बड़ी से बढ़ी चिंता : 10 में 3-4 महिलाओं के डेटा में मिसमैच, किस्त रुकने का डर
महतारी वंदन योजना के KYC में नाम की स्पेलिंग गड़बड़ी से महिलाओं की चिंता बढ़ गई है। हर 10 में 3-4 केस में नाम मिसमैच मिल रहा है, जिससे किस्त रुकने का डर है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं, सुधार संभव है और KYC जून तक जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़
संपूर्णता अभियान 2.0 में आकांक्षी जिला और विकासखंड ने हासिल की 100% सफलता
नीति आयोग के आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 में जिले ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया। आकांक्षी जिले के 5 और विकासखंड के 6 संकेतकों—जैसे बच्चों का वजन, टीबी पहचान, स्कूलों में बालिका शौचालय, पशुओं का टीकाकरण एवं पोषण आहार वितरण—को पूर्ण करने के लिए सभी विभागों, महिला समूहों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समन्वित प्रयास किए।
महतारी वंदन योजना : 30 जून तक e-KYC अनिवार्य, नहीं कराया तो रुक सकती है किस्त
महतारी वंदन योजना की अगली किस्त पाने के लिए 30 जून तक e-KYC जरूरी कर दिया गया है। प्रक्रिया मुफ्त है और नजदीकी केंद्रों में आसानी से पूरी की जा सकती है। e-KYC नहीं कराने पर किस्त अटक सकती है।
छत्तीसगढ़
कौशल विकास से सशक्त बनेंगी शाला त्यागी बालिकाएं
भारत सरकार की नाव्या पायलट परियोजना के तहत 16–18 वर्ष की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना: 131 केन्द्रों में हितग्राहियों का ई-केवाईसी जारी
महतारी वंदन योजना के तहत, 131 केन्द्रों पर ई-केवाईसी शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पात्र विवाहित महिलाओं की पहचान बायोमेट्रिक और आधार कार्ड के माध्यम से की जा रही है। 3 लाख से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। जिनका सत्यापन लंबित रहेगा, उन्हें आगामी किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।