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महासमुंद
महासमुंद के किसानों को राहत, फसल बीमा कराने का बढ़ा मौका, जाने अंतिम तिथि
महासमुंद जिले में खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी गई है। किसान बैंक, सहकारी समिति या CSC के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं।
कबीरधाम
नदी में सोना : कबीरधाम में बाग नदी की रेत में चमकती उम्मीद, सोने के कणों से चलता है परिवारों का गुजारा
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के रामपुर शिवनी गांव में आज भी ग्रामीण नदी की रेत से सोने के महीन कण निकालकर आजीविका चला रहे हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इस अनोखी परंपरा को महिलाएं, पुरुष और बच्चे मिलकर निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद सोना अधिक मिलता है, लेकिन फिलहाल भी वे उम्मीद के साथ रोज नदी में मेहनत कर रहे हैं।
बलौदाबाज़ार
आफत : भारी बारिश के बीच राहत अभियान, बल्दाकछार रिसॉर्ट से 24 लोगों को निकाला गया
लगातार हो रही भारी बारिश के चलते महानदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे बल्दाकछार स्थित ‘द ट्री ऑफ लाइफ रिसॉर्ट’ पानी से घिर गया। रिसॉर्ट में फंसे 24 लोगों को नगर सेना, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
कोल्हान नाला उफान पर, नारा-नवागांव मार्ग बंद
लगातार बारिश के कारण कोल्हान नाला उफान पर आ गया, जिससे नारा-नवागांव मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने से भानसोज क्षेत्र के दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है, वहीं अजंता पेपर मिल परिसर में भी बाढ़ का पानी घुसने से कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रायपुर
किसानों के लिए जरूरी खबर : 31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, नहीं तो छूट सकता है मौका
मानसून में बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को फसल नुकसान से बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी गई है। सूखा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर 72 घंटे के भीतर दावा करना जरूरी होगा। किसान 31 जुलाई 2026 तक धान, मक्का, सोयाबीन समेत कई खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं।
बिलासपुर
बारिश बनी आफत : बिलासपुर में मिट्टी धंसने से हाईवे पर लगा जाम
छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार बारिश के कारण बिलासपुर संभाग में हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में जलभराव से घरों में पानी घुस गया, वहीं NH-49 पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास मिट्टी धंसने से यातायात प्रभावित हुआ। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
रायपुर
छत्तीसगढ़ में बारिश का हाल : 13% कम वर्षा, जानें आपके जिले का आंकड़ा
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने के बाद भी अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सबसे अधिक और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सबसे कम बारिश हुई है। बस्तर संभाग के कई जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है, जबकि कुछ मैदानी जिलों में सामान्य से बेहतर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
रायपुर
प्रकृति की खूबसूरत तस्वीर : धरसींवा की गधीया आर्द्रभूमि बनी पक्षियों का ठिकाना, एक साथ नजर आईं दो बत्तख प्रजातियां
रायपुर जिले के धरसींवा स्थित गधीया आर्द्रभूमि में स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक एक साथ नजर आईं। पक्षी प्रेमियों ने दोनों प्रजातियों को प्राकृतिक वातावरण में घूमते और भोजन तलाशते कैमरे में कैद किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पक्षियों की मौजूदगी क्षेत्र की जैव विविधता और स्वस्थ आर्द्रभूमि का संकेत है।
बिलासपुर
बारिश का कहर : बिलासपुर में जलभराव से कई इलाके डूबे, घरों में घुसा पानी, राहत कार्य जारी
बिलासपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। दोमहानी, सरकंडा, मानिकपुर और देवरीखुर्द समेत कई क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अरपा चेक डैम की नहर टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
यात्रा
बदला कोंडागांव का नजारा : मॉनसून में जन्नत सी सज गई है बस्तर की ये खूबसूरत जगह
मॉनसून के आगमन के साथ छत्तीसगढ़ का कोंडागांव प्राकृतिक खूबसूरती से भर उठा है। केशकाल घाटी, टाटामारी, मांझीनगढ़ और खूबसूरत झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां घूमने से पहले जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
दंतेवाड़ा (दक्षिण बस्तर)
खुली पोल : 54 लाख की लागत, पहली बारिश में नुकसान, दंतेवाड़ा की नहर निर्माण पर उठे सवाल
दंतेवाड़ा के बालुद में 54 लाख रुपए की लागत से बन रही सीमेंट कंक्रीट सिंचाई नहर मानसून की पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कम सीमेंट और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। जल संसाधन विभाग ने कहा है कि निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और नुकसान वाले हिस्से की मरम्मत कराई जाएगी।
राष्ट्रीय
मानसून का फिर से यू-टर्न : 70 फीसदी हिस्सा सूखा, क्या अब देशभर में होगी झमाझम बारिश?
देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की रफ्तार कुछ समय के लिए सुस्त पड़ गई थी। इसके कारण कई मैदानी इलाकों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब मौसमी हवाओं का रुख एक बार फिर तेजी से बदल रहा है।