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रायपुर
Gariaband News: अनोखी परंपरा, ऋषि पंचमी पर निकली सर्पों की शोभायात्रा, देखने उमड़ी भारी भीड़
Gariaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम देवरी में ऋषि पंचमी के अवसर पर एक अनोखी धार्मिक परंपरा देखने को मिली। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा और बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों के बीच जब दर्जनों सांप शोभायात्रा का हिस्सा बने तो हर किसी की नजरें इस आयोजन पर टिक गईं।
रायपुर संभाग
डीघारी में नागपंचमी की अनोखी परंपरा, सर्पों की रक्षा का निभाया जाता है संकल्प
छत्तीसगढ़ के आरंग विकासखंड का ग्राम डीघारी ‘सर्प की वरदानी’ के नाम से प्रसिद्ध है। लोककथा के अनुसार मालगुजार पोहकल दुबे को नागदेवता से मिले वरदान के बाद गाँव में सर्पों को न मारने की परंपरा शुरू हुई। आज भी नागपंचमी पर ग्रामीण सामूहिक पूजा करते हैं और सर्प दिखने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ते हैं। यह परंपरा लोकविश्वास, जीव-दया और ग्रामीण एकजुटता की मिसाल बनी हुई है।
राष्ट्रीय
अनोखी परंपरा : सूखे से परेशान गांव में आस्था की अनोखी तस्वीर, महिलाओं के सैरा नृत्य के बाद हुई बारिश
रायसेन जिले के मढ़िया गुसाई गांव में अल्प वर्षा से परेशान ग्रामीणों ने सदियों पुरानी लोक परंपरा निभाई। महिलाओं ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए सैरा (डांडिया) नृत्य किया। करीब दो घंटे चले इस अनुष्ठान के बाद मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई, जिससे किसानों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बस्तर संभाग
गोंचा महापर्व : बस्तर की अनोखी परंपरा, बांस की तुपकी से भगवान जगन्नाथ को दी जाएगी सलामी
बस्तर के प्रसिद्ध गोंचा महापर्व में 600 साल पुरानी तुपकी परंपरा निभाई जाती है। बांस से बनी तुपकी से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 21 तोपों की तर्ज पर सलामी दी जाती है। यह परंपरा बस्तर की संस्कृति के साथ ग्रामीणों के रोजगार का भी आधार बनी हुई है।
धर्म
Bada Badua Daka: दीवाली पर क्यों होती है पूर्वजों की पूजा, जानिए ओडिशा की इस खास परंपरा के बारे में
Bada Badua Daka: ओडिशा में दिवाली की रात बड़ बड़ुआ डाका की अनोखी परंपरा निभाई जाती है। इसमें जूट की लकड़ियां जलाकर पूर्वजों को याद किया जाता है और उन्हें पितृलोक लौटने का रास्ता दिखाने की मान्यता है। खास बात यह है कि इस रस्म के बाद ही मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
धर्म
Ratlam Mahalakshmi Temple: अनोखा मंदिर जहा प्रसाद के रूप मे मिलते है पैसे, वजह जानकार हैरान रह जाएंगे आप
Ratlam Mahalakshmi Temple: मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में दिवाली के बाद प्रसाद के रूप में रुपये-पैसे बांटने की अनोखी परंपरा है। करीब 300 साल पुरानी मानी जाने वाली इस परंपरा के तहत भाई दूज पर भक्तों को धनराशि दी जाती है।
जगदलपुर (बस्तर)
Jagdalpur News: बस्तर दशहरा में निभाई गई ‘भीतर रैनी’ की रस्म, आधी रात को कुम्हड़ाकोट ले जाया गया विशाल रथ
Jagdalpur News: बस्तर दशहरा पर्व की करीब 600 साल पुरानी परंपरा ‘भीतर रैनी’ बुधवार देर रात निभाई गई। इस दौरान आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ को परंपरा के अनुसार कुम्हड़ाकोट के जंगल ले जाया गया। गुरुवार को बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव नवाखानी की रस्म निभाएंगे, जिसके बाद रथ को वापस मां दंतेश्वरी मंदिर लाया जाएगा।
धर्म
Raipur Temples: पुरानी बस्ती के प्राचीन मंदिर, जहां हर मंदिर की अपनी अनोखी कहानी, जानिए इनका इतिहास
Raipur Temples: पुरानी बस्ती अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। मां महामाया मंदिर, मां दंतेश्वरी मंदिर, कंकाली मठ और शीतला माता मंदिर से जुड़ी अलग-अलग मान्यताएं और पूजा पद्धतियां इन्हें खास बनाती हैं।
राज्य सरकार
Ganesh Utsav Jashpur: जशपुर में आस्था और प्रकृति का संगम, हाथियों की याद में सजता है गणेश दरबार
Ganesh Utsav Jashpur: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम शेखरपुर में ‘गज श्रद्धा’ की अनोखी परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीण जंगली हाथियों की स्मृति को भगवान गणेश से जोड़कर गणेश उत्सव मनाते हैं। यह पहल आस्था के साथ वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी सह-अस्तित्व का प्रेरक संदेश दे रही है।
यात्रा
Beautiful tourist places in Nagaland: पूर्वोत्तर की हसीन वादियों में बसे ये 5 ठिकाने, जहाँ कुदरत और संस्कृति का अनोखा संगम है
Beautiful tourist places in Nagaland: अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत पहाड़ियों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए खास पहचान रखता है। कोहिमा, जुको घाटी, मोकोकचुंग, मोन और वोखा यहां की प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। अक्टूबर से मई के बीच यात्रा के साथ दिसंबर में हॉर्नबिल फेस्टिवल का अनुभव नागालैंड ट्रिप को और खास बना सकता है।
रायपुर संभाग
Kamar Chhath Puja: सगरी सजाकर माताएं करेंगी पूजन, संतान की लंबी उम्र के लिए रखेंगी निर्जला व्रत
Kamar Chhath Puja: कमरछठ पर माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। सगरी सजाकर हलषष्ठी माता की पूजा होगी। पर्व को लेकर बाजारों में पसहर चावल, महुआ और पूजा सामग्री की मांग बढ़ गई है।
कबीरधाम
नदी में सोना : कबीरधाम में बाग नदी की रेत में चमकती उम्मीद, सोने के कणों से चलता है परिवारों का गुजारा
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के रामपुर शिवनी गांव में आज भी ग्रामीण नदी की रेत से सोने के महीन कण निकालकर आजीविका चला रहे हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इस अनोखी परंपरा को महिलाएं, पुरुष और बच्चे मिलकर निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद सोना अधिक मिलता है, लेकिन फिलहाल भी वे उम्मीद के साथ रोज नदी में मेहनत कर रहे हैं।