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राज्य सरकार
गुढ़ियारी से महादेव घाट तक गूंजा हर-हर महादेव, कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रायपुर संभाग
कांवड़ियों के स्वागत में भानसोज में बरसे फूल, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
माता कौशल्या धाम चंदखुरी से शुरू हुई तीन दिवसीय बोल बम कांवड़ यात्रा दूसरे दिन भानसोज पहुंची। हजारों कांवड़ियों का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया और बुलडोजर से पुष्पवर्षा की। कांवड़ियों के लिए जलपान, फलाहार और विश्राम की भी व्यवस्था की गई।
दुर्ग
भिलाई में शिव महापुराण कथा के समापन पर पहुंचे CM साय, पत्नी कौशल्या संग व्यासपीठ का किया पूजन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पत्नी कौशल्या साय के साथ भिलाई में शिव महापुराण कथा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने व्यासपीठ का पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बिलासपुर
स्केटिंग से भारत भ्रमण पर निकले रुद्र पटेल, 16 राज्यों का सफर पूरा कर पहुंचे छत्तीसगढ़
मध्यप्रदेश के रुद्र पटेल स्केटिंग से 16 राज्यों की यात्रा पूरी कर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। वे भारत भ्रमण के दौरान लोगों को भारतीय संस्कृति, गौ माता और सनातन धर्म के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
महासमुंद
अयोध्या धाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विधायक ने दी शुभकामनाएं, भगवा झंडा दिखाकर बस को किया रवाना
महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने अयोध्या धाम दर्शन के लिए रवाना हो रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवा झंडा दिखाकर बस को रवाना करते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। विधायक ने श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना को श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
धर्म
बदायूं में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा में उमड़े श्रद्धालु
बदायूं के साहू धर्मशाला में साहू समाज धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन शिव दुर्गा मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। वृंदावन से आए कथा व्यास अमित मोहन जी महाराज ने कथा का वाचन करते हुए भक्ति और श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला।
छत्तीसगढ़
सिरपुर को सिर्फ पर्यटन व व्यापार केंद्र बनाने की कोशिश, धार्मिक पहचान की हो रही उपेक्षा : अमर चंद्राकर
सिरपुर में सावन के तीसरे सोमवार करीब 10 हजार कांवड़िए पहुंचे, लेकिन ठहरने, शौचालय, चिकित्सा, सफाई और सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठे। पूर्व जिला पंचायत सभापति अमर चंद्राकर ने प्रशासन पर धार्मिक पहचान की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चौथे सोमवार से पहले व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की।
महासमुंद
भानसोज से बेलदार सिवनी तक निकली भव्य कांवर यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा क्षेत्र
सावन सोमवार पर भानसोज से बेलदार सिवनी के अर्द्धनारीश्वर महादेव मंदिर तक चौथे वर्ष भव्य कांवर यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
रायपुर
श्रद्धालुओं ने किया भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर
सावन मास के अवसर पर साहू समाज द्वारा रायपुर में कलश एवं कांवड़ यात्रा निकाली गई। रामनगर शीतलापारा से शुरू हुई यात्रा महादेव घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राज्य सरकार
नागपंचमी पर मुख्यमंत्री साय ने किया शिव आराधना, छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद
नागपंचमी और सावन मास के पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में परिवार के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान में शामिल होकर शिवलिंग का निर्माण और अभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति की कामना की।
राष्ट्रीय
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में मची भारी भगदड़, 7 महिलाओं की दर्दनाक मौत
बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार बिजली के खंभे से करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मची, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग भीड़ में दब गए।
रायपुर संभाग
डीघारी में नागपंचमी की अनोखी परंपरा, सर्पों की रक्षा का निभाया जाता है संकल्प
छत्तीसगढ़ के आरंग विकासखंड का ग्राम डीघारी ‘सर्प की वरदानी’ के नाम से प्रसिद्ध है। लोककथा के अनुसार मालगुजार पोहकल दुबे को नागदेवता से मिले वरदान के बाद गाँव में सर्पों को न मारने की परंपरा शुरू हुई। आज भी नागपंचमी पर ग्रामीण सामूहिक पूजा करते हैं और सर्प दिखने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ते हैं। यह परंपरा लोकविश्वास, जीव-दया और ग्रामीण एकजुटता की मिसाल बनी हुई है।