"कैल्शियम" के लिए 26 परिणाम मिले
सेहत
Dry Fish Chutney : मछली को सुखा कर बनायीं जाती है यह अनोखी चटनी
मेघालय की पारंपरिक तुंगटप चटनी सूखी मछली को फर्मेंट करके तैयार की जाती है और पूर्वोत्तर भारत के खान-पान का अहम हिस्सा मानी जाती है। यह चटनी अपने अनोखे स्वाद के साथ-साथ प्रोबायोटिक्स, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों के लिए भी जानी जाती है ।
राज्य सरकार
सुशासन तिहार : महासमुंद के 10 वार्डों के लोगों को मिला मौके पर समाधान
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत महासमुंद के लोहिया चौक स्थित वार्ड क्रमांक 20 में समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जगदलपुर (बस्तर)
खुलासा : बस्तर में सिर्फ अनुमान के आधार पर हो रही फलों की जांच
बस्तर संभाग में बाजार में बिक रहे फलों और सब्जियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सड़े-गले फलों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन क्षेत्र में स्थानीय फूड टेस्टिंग लैब न होने से केमिकल जांच संभव नहीं हो पा रही है। कैल्शियम कार्बाइड, ऑक्सीटोसिन और एथिलीन जैसे हानिकारक रसायनों की पुष्टि केवल रायपुर लैब में सैंपल भेजकर की जा रही है।
सेहत
औषधीय गुण : तनाव से नींद तक, केसर दूध के कई फायदे, ज्यादा पीना हो सकता है नुकसान
केसर वाला दूध स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने, बेहतर नींद लाने, पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। वहीं इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि केसर का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से एलर्जी, पेट संबंधी समस्याएं, ब्लड प्रेशर में बदलाव और शरीर में अत्यधिक गर्मी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
सेहत
स्वास्थ्य : भीषण गर्मी और गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रही किडनी स्टोन का खतरा
देशभर में युवाओं के बीच किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन, कम पानी पीना, जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और अनियमित लाइफस्टाइल इसके बड़े कारण बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 20 से 40 साल की उम्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पेट और कमर में दर्द, पेशाब में जलन और यूरिन इंफेक्शन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, संतुलित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
सेहत
मोटेअनाज : दूर हो सकती है विटामिन की कमी, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
भारत में शाकाहारी लोगों में विटामिन बी12, विटामिन डी और आयरन की कमी तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली के शोधकर्ताओं की नई स्टडी में सामने आया है कि बाजरा, ज्वार, रागी जैसे पारंपरिक मोटे अनाज और उन्हें खाने के देसी तरीके शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बना सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भिगोकर, अंकुरित या फर्मेंटेड रूप में मोटे अनाज खाने से शरीर को आयरन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व अधिक आसानी से मिलते हैं। बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड के बढ़ते चलन के बीच अब भारतीय पारंपरिक खानपान को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए फिर से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेहत
विश्व स्वास्थ्य संगठन : ब्लड प्रेशर ,कमजोर इम्यूनिटी तक, जानिए कौन सी चीजें पहुंचाती हैं नुकसान
World Health Organization यानी WHO के अनुसार ज्यादा नमक, चीनी, जंक फूड, धूम्रपान, शराब, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ये तत्व हाई ब्लड प्रेशर, कमजोर हड्डियां, कम इम्यूनिटी, मोटापा और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों ने संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी है।
सेहत
पेरिमेनोपॉज : महिलाओं में बदलते पीरियड्स और मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा असर
40 की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के कारण पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के चलते हॉट फ्लैश, मूड स्विंग, नींद की समस्या और मानसिक तनाव जैसे कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
सेहत
इम्यूनिटी : बढ़ाने से लेकर शरीर को ऊर्जा देने तक, स्प्राउट्स हैं हेल्थ का पावरहाउस
स्प्राउट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन गलत तरीके से खाने पर उल्टी, दस्त, गैस, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार स्प्राउट्स को हमेशा अच्छी तरह धोकर, हल्का उबालकर और सीमित मात्रा में खाना चाहिए। वहीं सही तरीके से सेवन करने पर ये पाचन सुधारने, वजन घटाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
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महिलाओं की सेहत पर खतरा : जानें प्रमुख बीमारियां और बचाव के आसान उपाय
महिलाओं का स्वास्थ्य कई कारकों जैसे हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, पोषण और मानसिक तनाव से प्रभावित होता है। एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन, मासिक धर्म की समस्याएं, यूटीआई, हड्डियों की कमजोरी और मानसिक तनाव आम स्वास्थ्य समस्याएं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, स्वच्छता और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है।
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रेसिपी : नाश्ते में बनाएं स्वाद और सेहत से भरपूर पनीर पराठा, हर बाइट में मिलेगा लाजवाब स्वाद
अगर आप हेल्दी, टेस्टी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढ रहे हैं, तो पनीर पराठा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। प्रोटीन से भरपूर यह पंजाबी डिश स्वाद के साथ-साथ शरीर को भरपूर ऊर्जा भी देती है। आसान मसालों और पनीर की स्टफिंग से तैयार होने वाला यह पराठा बच्चों के टिफिन से लेकर ब्रेकफास्ट और डिनर तक हर मौके के लिए परफेक्ट है।
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सेहत : 40 के बाद हड्डियों को मजबूत रखने के लिए अपनाएं ये आसान देसी उपाय
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होना सामान्य है, लेकिन सही खान-पान और लाइफस्टाइल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर आहार जैसे दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें और ड्राई फ्रूट्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। साथ ही सुबह की धूप, नियमित हल्की एक्सरसाइज और संतुलित आहार हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी हैं। गलत खान-पान, धूप की कमी, शारीरिक गतिविधि की कमी और बीमारियां जैसे ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को कमजोर कर सकती हैं, इसलिए समय रहते सही आदतें अपनाना जरूरी है।